गजरौला(अमरोहा)। नगर में एक घर में पल रहीं सात मुर्गियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी मौत की वजह जहरीली वस्तु का सेवन मान रहे हैं। मृत मुर्गियों के सैंपल नहीं लिए गए है। उन्हें जमीन में दबवा दिया गया। वहीं नगर की एमडीए कालोनी समेत गांव खाईखेड़ा, करमल्लीपुर, अहरौला, सलेमपुर, पपसरा खादर में दस मृत कौवों के मिलने की सूचना है। लोगों ने उन्हें गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया।
शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े 11 बजे नगर के मोहल्ला बस्ती में चामुंडा मंदिर से आगे रेलवे लाइन पार कर बूढ़े बाबू के तालाब के सामने रहने वाले तहसीन मिस्त्री के घर में पल रहीं सात मुर्गियों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया। तहसीन और उनके पुत्र राशिद अली ने बताया कि उन्होंने कुछ देर पूर्व मुर्गियों को दाना चुगने को दिया था। मुर्गियों की अचानक हुई मौत से वे काफी परेशान नजर आए। वहीं मौजूद मीडियाकर्मियों ने पशु चिकित्साधिकारी डा. ओमवीर सिंह को बुलवा लिया। उन्होंने मृत मुर्गियों की जांच की। उनका कहना था कि सभी मुर्गियां नीली पड़ी हुई हैं। संभवत: किसी जहरीली वस्तु के सेवन से उनकी मौत हुई होगी। इसीलिए उनका सैंपल भी नहीं लिया गया। उन्होंने बर्ड फ्लू की आशंका से इनकार किया। बाद में मृत मुर्गियों को गड्ढा खोदकर दबा दिया गया।
वहीं नगर की एमडीए कालोनी में ओपन जिम वाले पार्क के पास एक मृत कौवा देखा गया। उधर गांव पपसरा खादर में भी एक कौवा मृत मिला। वहीं गांव खाईखेड़ा, करमल्लीपुर, अहरौला, सलेमपुर गोसाईं, पपसरा खादर में भी आठ मृत कौवे मिलने की जानकारी मिली। इन्हें ग्रामीणों ने गड्ढा खोदकर दबा किया था। वहीं क्षेत्र में पक्षियों की मौत के बाद से लोग काफी आशंकित हैं।