मामले को लेकर सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि बरामद बच्चे को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि आरोपी नौकर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने खर्चे के लिए रुपये न मिलने से नाराज होकर घटना को अंजाम देने की बात कुबूल की है।
अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र में होली के दिन खर्चे के लिए चार हजार रुपये नहीं देने पर नौकर ने मालिक के इकलौते बेटे का अपहरण कर लिया। बेटे के अपहरण की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चौदह घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी नौकर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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घटना नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव की है। यहां पर दीपक कुमार का परिवार रहता है। पेशे से किसान दीपक के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक 7 वर्ष का बेटा है। वह कक्षा दो में पढ़ता है। मूलरूप से जनपद संभल के बहजोई आलपुर महथरा गांव निवासी चंद्रपाल पिछले तीन साल से दीपक के यहां नौकर था।
आरोप है कि होली के दिन नौकर चंद्रपाल ने मालिक दीपक से 4000 रुपये खर्चे के लिए मांगे थे। लेकिन उन्होंने रुपए नहीं दिए। जिससे नाराज होकर नौकर चंद्रपाल ने दोपहर बारह बजे अपने मालिक के इकलौते बेटे का अपहरण कर लिया। जिस बाइक से नौकर ने बच्चे का अपहरण किया था, वह बाइक भी कुछ दिन पहले उसने मालिक दीपक से खरीदी थी। इकलौते बेटे के अपहरण से किसान के परिवार में हड़कंप मच गया। काफी तलाश करने के बाद उसका सुराग नहीं लगा। लिहाजा शाम को परिजनों ने घटना की जानकारी नौगांवा सादात थाना पुलिस को दी और नौकर के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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घटना संज्ञान में आते ही सीओ विजय कुमार राणा मौके पर पहुंच गए। एसपी पूनम ने सीओ के नेतृत्व में टीम गठित कर बच्चे सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए। सीओ विजय कुमार राणा और इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह की टीम ने 14 घंटे की छानबीन के बाद नौकर को धनौरा रोड से गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। थाने लाकर पुलिस ने नौकर से पूछताछ की। जिसमें उसने खर्चे के लिए रुपये नहीं मिलने से नाराज होकर घटना को अंजाम देने की बात कबूल की।
नौकर के बेहद करीब है बच्चा
सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि अपहृत बच्चा नौकर चंद्रपाल के बेहद करीब था। अकसर उसके साथ रहता था, उसके साथ सो भी जाता था। बस इसी का फायदा उठाकर वह बच्चे को अपने साथ ले गया था। घर से ले जाकर उसने सबसे पहले दुकान से बच्चे को चाकलेट दिलाई थी, इसके बाद धनौरा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में तेल भरवाया था।