अमरोहा। मुकद्दस रमजान का अलविदा शुक्रवार को खामोशी के साथ गुजर गया। मस्जिदों में चुनिंदा रोजेदारों ने जुमा की नमाज अदा की। घरों में लोगों ने जोहर की नमाज अदा की। कोरोना के खात्मे और मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। रोजेदारों के दिल में अलविदा की नमाज मस्जिद में नहीं पढ़ने की कसक दिखी। रोजेदारों ने रो-रोकर गुनाहों की माफी तलब की। प्रशासनिक अफसर और पुलिस के जवान गश्त करते रहे।
शुक्रवार को रमजान का 24वां रोजा था। दोपहर 12 बजे के बाद मस्जिदों में अजान का सिलसिला शुरु हुआ। इसके साथ ही मुस्लिम घरों में तैयारी में तेजी आ गई। शहर के मुल्लाना, बटवाल, तलवार शाह, आवास विकास कॉलोनी, बसावनगंज, बड़ा दरबार, दानिशमंदान, नल नई बस्ती, सराय कोहना, झंडा शहीद, कुरैशी आदि मोहल्लों में रोजेदारों ने घरों में वजू बनाया। मासूम रोजेदार मस्जिद में नमाज के लिए बेताब दिखे लेकिन घर वालों ने बाहर निकलने नहीं दिया। बुजुर्गों के साथ परिवार के सदस्यों ने नमाज अदा की। इसके साथ ही जोहर की नमाज की अदायगी में जुट गए। इंतजामिया लोगों ने मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की। इसके बाद रोजेदारों ने कुरआन की तिलावत की। तस्बीह और जिक्र में मशगूल हो गए। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते जामा मस्जिद का मुख्य दरवाजा बंद रहा। अलविदा पर गुलजार रहने वाले जामा मस्जिद समेत मुस्लिम इलाके में वीरानी छाई रही। रोजदारों ने अल्लाह से गुनाहों की माफी मांगी।
उलमा का ऐलान का असर, मस्जिदों में नहीं आए रोजेदार
गजरौला। अलविदा जुमा पर पुलिस मस्जिदों के बाहर मुस्तैद रही। कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुपालन में ही नमाज अदा हुई। शुक्रवार को अलविदा जुमा पर मस्जिदों में नमाजियों को रोकने के लिए पुलिस मस्जिदों के बाहर मुस्तैद रही। हालांकि सभी मस्जिदों से पहले ही एलान करा दिया गया था कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को केवल पांच नमाजी ही मस्जिदों में नमाज को आ सकेंगे। लोगों से घरों में ही नमाज पढ़ने की अपील की गई थी। चौपला चौकी क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद, बस्ती में नूरानी मस्जिद, चौहानपुरी मस्जिद, विजय नगर स्थित मस्जिद, रेलवे स्टेशन, नवादा रोज, मछली मंडी, अल्लीपुर स्थित मस्जिदों के बाहर भी पुलिस तैनात रही। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शांतिपूर्वक नमाज अता की गई। इस दौरान मुल्क से कोरोना के सफाए की दुआएं की गईं। संवाद