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गर्दन फंसी तो बरगलाने लगे वित्त-लेखाधिकारी...हस्ताक्षर भी भूले

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अमरोहा। नए सीएमओ की ज्वाइनिंग के बाद भी पुराने सीएमओ के हस्ताक्षर से निकाले गए 56 लाख रुपये के गड़बड़झाले में एसीएमओ और वित्त-लेखाधिकारी फंसे नजर आ रहे हैं। गर्दन फंसी तो वित्त और लेखाधिकारी ने सीएमओ को पत्र लिखकर फाइलों को देखने की अनुमति मांगी है। उनका दावा है कि बिल और अन्य जगहों पर हस्ताक्षर चेक करने हैं ताकि हस्ताक्षर देखने के बाद जवाब तैयार कर सकें। कुछ पहले बिना फाइल लिए मुरादाबाद पहुंचे दोनों अधिकारियों को एडी हेल्थ ने फटकार के बाद लौटा दिया था। अपर निदेशक स्वास्थ्य भुगतान प्रकरण की जांच कर रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।
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तत्कालीन सीएमओ डॉ. मेघ सिंह के स्थानांतरण के दौरान सितंबर में 56 लाख रुपये के बिल पर हस्ताक्षर हुए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने जवाब तलब किया। उस वक्त पटल सहायक कोरोना संक्रमित रहा। मामले की शिकायत अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सेवाएं के पास पहुंची। उन्होंने एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, वित्त और लेखाधिकारी विजय वीर सिंह के अलावा अन्य कर्मचारियों को तलब किया। हालांकि कुछ दिन पहले वित्त और लेखाधिकारी समेत अन्य बगैर रिकार्ड के उनके पास गए। उन्होंने लौटा दिया। अब वित्त और लेखाधिकारी विजय वीर सिंह ने सीएमओ को चार बिंदुओं पर आधारित पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि 50-60 लाख रुपये के भुगतान के प्रकरण में अभिलेख उपलब्ध कराया जाए, जिन पर मेरे हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा शिकायत के संबंध में भेजी गई आख्या और बिल की त्रुटियों से अवगत कराएं ताकि नियमानुसार निराकरण कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पत्रावली सहायक की आख्या, जिसके द्वारा फाइल मेरे पास आई थी उसे भी उपलब्ध कराने केे कहा है। उन्होंने कहा कि रिकार्ड नही होने से अपर निदेशक का जवाब नहीं दे सके हैं।
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