सविता पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानी का चुनाव तो जीत गई, लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। विजयी घोषित होने से दो दिन पूर्व रहस्यमयी बुखार ने उनकी जान ले ली। 35 वर्षीय सविता ने चुनाव तो जीत लिया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई।
सविता पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानी का चुनाव तो जीत गई, लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। विजयी घोषित होने से दो दिन पूर्व रहस्यमयी बुखार ने उनकी जान ले ली। 35 वर्षीय सविता ने चुनाव तो जीत लिया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई। अब खनौरा ग्राम पंचायत में दोबारा से मतदान होगा।
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खनौरा ग्राम पंचायत में सविता देवी ग्राम प्रधान चुनाव में प्रत्याशी पूरी मेहनत के साथ चुनाव लड़ा था। और 19 अप्रैल को चुनाव के दिन खुद मतदान भी किया था लेकिन इसके बाद वह बीमार हो गई। उन्हें बुखार ने जकड़ लिया। काफी इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मतगणना से दो दिन पूर्व गांव में ही सविता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। रविवार को मतगणना के दौरान सविता ने चुनाव जीत लिया लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। माना जा रहा है कि खनौरा ग्राम पंचायत में अब दोबारा चुनाव होगा।
बताते हैं कि सविता को 396 मत प्राप्त हुए एवं उनके प्रतिद्वंद्वी मुखिया को 169 वोट प्राप्त हुए। सविता ने 225 वोटों से जीत प्राप्त की। सविता के परिवार में दो पुत्र कुश त्यागी 21 वर्ष व तुषार त्यागी 16 वर्ष एवं एक पुत्री पर्ल त्यागी 18 वर्ष है। सविता ने आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त की थी।
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सविता सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि रखती थी।
उनके द्वारा अपनी निजी धनराशि से खनौरा गांव में ही साईं आश्रम एवं शिवलिंग की स्थापना एवं गांव में ही मंदिर के निर्माण के लिए एक लाख की धनराशि दी थी। चुनाव जीतने के बाद भी सविता के परिवार में जीत की कोई खुशी नहीं मनाई गई बल्कि पहले से ही घर में मातम छाया हुआ है।