गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव मरौरा में लाखों रुपये की लागत से बना आरआरसी उपयोग में लाए बिना ही टूटकर गिरने लगा है, जो ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की परतें खोल रहा हैं। गांव में रास्तों पर कूड़ा पसरा रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण के बाद से यह सेंटर उपयोग में नहीं लाया गया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शासन की कूड़ा निस्तारण योजना जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव मरौरा में दो साल पहले कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह प्रयोग में लाने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगा। जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायती राज विभाग के कार्यों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के प्रति भी जिम्मेदार अधिकारी संवेदनशील नहीं हैं। मौजूदा हाल में आरआरसी का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभागीय अफसरों से की है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा मानकों की अनदेखी के चलते आरआरसी को तैयार कराया गया, जो अब क्षतिग्रस्त हो चुका है।