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राजनैतिक दलों के समीकरण बिगाड़ेगा राष्ट्रीय लोकदल

Sat, 21 Jan 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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अमरोहा के रजबपुर में व्यवस्था परिवर्तन रैली को संबोधित करते चौ. अजित सिंह। - फोटो : amar ujala
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 राष्ट्रीय लोकदल ने चारों विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने को तैयारी की है। उसका सियासी खेल जनपद के राजनैतिक दलों का समीकरण बिगाड़ेगा। रही सही कसर निर्दलीय उम्मीदवार पूरी करेंगे। कई चेहरे मैदान में उतरने की फिराक में हैं, जिसकी वजह से पार्टी उम्मीदवारों के वोटों का कटना व गणित गड़बड़ाना लाजमी है। हालांकि नौगावां सादात विधानसभा सीट से रालोद ने विधायक अशफाक अली को अपना प्रत्याशी बना दिया है, नामांकन पत्र खरीद लिया है।
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जिले की सियासत टिकटों के बंटवारे के बाद गरमाने लगी हैं। बसपा के बाद भाजपा और फिर समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। गठबंधन के कारण कांग्रेस को सपा ने कोई सीट नहीं दी है। इसके अलावा अन्य पार्टियां भी उम्मीदवारों को घोषित करने में लगी हैं। चुनावी दंगल में उतरे पार्टियों के प्रत्याशियों के समीकरणों को रालोद उम्मीदवार प्रभावित करेंगे। जिले की चारों विधानसभा सीटों अमरोहा, धनौरा, हसनपुर व नौगावां सादात पर रालोद के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। 

इनमें से नौगावां सादात सीट से सपा छोड़कर रालोद में शामिल हुए मौजूदा विधायक अशफाक अली खां को टिकट दिया जा चुका है। बाकायदा सिंबल भी जारी कर दिया है। शुक्रवार को उनके समर्थक नामांकन पत्र भी खरीदकर ले गए हैं। रालोद जिलाध्यक्ष चौ. रामवीर सिंह ने बताया कि अशफाक का टिकट हो गया है। अन्य तीन विस सीटों पर भी जल्द प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। प्रत्याशी को जोरदार ढंग से चुनाव लड़ाया जाएगा। रालोद ही भाजपा, सपा व बसपा उम्मीदवारों का गणित बदलेगी। 
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निर्दल प्रत्याशी भी सियासत में पैदा करेंगे गर्माहट
अमरोहा। सभी राजनैतिक दल अपने प्रत्याशी घोषित कर रहे हैं, लेकिन जनपद में निर्दलीय प्रत्याशी भी वोट काटकर सियासत में गर्माहट पैदा करेंगे। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई नेता चुनावी समर में निर्दल बनकर उतरने को तैयारी कर रहे हैं। इससे भी पार्टी उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचेगा। 

कई बड़े नेता टिकट को रालोद की शरण में
अमरोहा। भाजपा, बसपा व सपा में तमाम नेता टिकट की लाइन में लगे थे, मगर हाईकमान द्वारा घोषणा दूसरों की कर दी गई है। इससे दावेदारों में जहां गुस्सा है, वहीं पार्टी छोड़ने का फैसला कर चुके हैं। ऐसे में उन दावेदारों ने रालोद की शरण में जाने की तैयारी शुरू कर दी है। तीनों पार्टियों के कई बड़े नेता खामोशी के साथ छोटे चौधरी के संपर्क में आ चुके हैं। जल्द ही उनको प्रत्याशी बनाकर पार्टी दंगल में उतारने की फिराक में लगी है।
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