गजरौला (अमरोहा)। चकनवाला में गुजर रही रामगंगा पोषक नहर पर लगे पंटून पुल के अंतिम छोर में बल्लियां खत्म हो जाने के कारण पुल पूरी तरह चालू नहीं हो सका लेकिन पैदल ग्रामीण उसपर गुजरते रहे। देर रात तक सिंचाई विभाग के श्रमिक वहां काम कर रहे थे। वहीं, ग्रामीण नाव में बाइकें रखकर सफर करने को मजबूर दिखे।
रविवार की सुबह रामगंगा पोषक नहर पर बन रहे पंटून पुल के अंतिम छोर का काम बल्लियां खत्म हो जाने के कारण रोक दिया गया। इस दौरान गंगा के उस पार बसे ग्रामीण पैदल ही पुल पर सफर करते देखे गए। सिंचाई विभाग के जेई वीर सिंह ने बताया कि शाम को वहां बल्लियों की व्यवस्था करा दी गई। देर रात तक श्रमिक काम पूरा करने में लगे रहे। सोमवार की सुबह को पुल बन जाएगा। बता दें कि खादर में गंगा के पार स्थित 18 गांवों के ग्रामीणों की जिंदगी काफी कष्टप्रद बीतती है। गांव में आने का कोई अन्य संसाधन नहीं है। गंगा के पार रहने वाले ग्रामीण जब भी किसी काम से गजरौला की ओर आते हैं या फिर यहां से गांवों में जाते हैं तो अपनी बाइक नाव में रखकर ले जाते हैं। एक नाव में दस से बारह तक बाइक आ जाती हैं। हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
सिंचाई विभाग इस पंटून पुल को काफी मजबूती से बनवाता है लेकिन देखरेख के अभाव में यह पुल कुछ माह बाद ही क्षतिग्रस्त हो जाता है। कारण, ग्रामीण इस पंटून पुल पर ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर गुजरते हैं। इससे यह पुल जगह-जगह से उखड़कर कमजोर हो जाता है। उन्होंने बताया कि यदि इस पुल पर इस तरह के वाहन नहीं गुजरें तो इस पुल की सड़क आसानी से नहीं उखड़ पाएगी।
- वीर सिंह, जेई सिंचाई विभाग