हसनपुर(अमरोहा)। नागरिक संशोधन एक्ट के विरोध में शनिवार को नगरपालिका अध्यक्ष पति के नेतृत्व में सभासदों और अन्य लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें कहा कि सीएए एक धर्म विशेष के खिलाफ है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून को वापस लेना देश के हित में बहुत जरूरी है।
शनिवार को चेयरमैन पति के आवास पर एसडीएम विजय शंकर, सीओ कुलदीप कुकरेती और प्रभारी निरीक्षक आरपी शर्मा को दिए गए ज्ञापन में कहा कि शांतिपूर्वक ढंग से अवगत कराना चाहते हैं कि नागरिकता संशोधन एक्ट आर्टिकल 14 और 21 के खिलाफ है। जिसमें संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित भारत के संविधान में समानता के अधिकार के खिलाफ है। वर्तमान सरकार द्वारा संविधान को सरासर गलत ठहराया जा रहा है। यह संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह धर्म विशेष के खिलाफ है। जिससे देश की अखंडता, प्रभुता को खतरा है। मांग की गई कि इस कानून को तुरंत वापस लिया जाए। इस मौके पर अलीमुद्दीन, हाजी शहजाद खां, नौशाद, याकूब अंसारी, निजाम नस्तर, अरविंद कुमार, नईम अहमद, मोनिस अंसारी, परवेज अंसारी, मोहम्मद यूनुस, इमरान अंसारी, अजब सिंह, यूनुस चौधरी, हाजी मसरूर, जाहिद पहलवान, जैनुल मंसूरी, अमित कुमार, रिहान खां, हरवीर सिंह, खुशी मोहम्मद खां, अकरम खां, शकील मलिक, शादाब खां, मुकेश कुमार, कपिल कुमार, आयाज खां, सोनित कुमार आदि रहे। इस दौरान एसडीएम ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।