शुक्रवार को होली है। रंगों के त्योहार पर ट्रेनों में यात्रियों की बेशुमार भीड़ है। घर जाने की जल्दी में यात्री चलती ट्रेन और बसों के पीछे जोखिम भरी दौड़ लगा रहे हैं। बृहस्पतिवार को अमरोहा रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर लोग ट्रेन व बस में चढ़ने के लिए मशक्कत करते नजर आए। ट्रेन के सामान्य और स्लीपर कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कुछ यात्री ट्रेन के गेट पर भी लटके थे तो कुछ शौचालय में बैठकर सफर करने को मजबूर दिखे।
दिल्ली और बरेली की ओर से आने वाली ट्रेनें पहले से ही भरी हुई आ रही है, जिससे अमरोहा स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को घर जाने की जल्द में लोग चलती ट्रेन में भी चढ़ने की कोशिश करते दिखे। ट्रेनों में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं थी, तो यात्री गेट के पायदान पर लटककर यात्रा करने को मजबूर दिखे। अमरोहा में रुकने वाली ट्रेन काशी विश्वनाथ, अवध असम, सत्याग्रह एक्सप्रेस, पद्मावत, सद्भावना एक्सप्रेस में स्लीपर व जनरल कोच में यात्रियों की बेशुमार भीड़ थी। डिब्बों के शौचालय, दो कोचों के बीच वाली खाली जगह पर भी यात्री बैठे थे।
इसके अलावा गेट पर भी लटककर लोग यात्रा करते दिखे। जीआरपी प्रभारी मनोज खोखर ने बताया कि ट्रेनों में भीड़ के चलते यात्री जान जोखिम में डालते हुए लटक जाते हैं। प्लेटफार्म पर ट्रेन के रुकने पर यात्रियों को समझाया भी जाता है।