अमरोहा। जोया ब्लॉक परिसर के पीछे स्थित स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवंटित सरकारी आवास में सेवानिवृत एएनएम अवैध क्लीनिक संचालित करती थी। हालांकि मामला उजागर होने के बाद सेवानिवृत्त एएनएम दवाइंयों का जखीरा लेकर चली गई। शनिवार को मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने आवास खाली कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जोया सीएससी प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
जोया ब्लॉक के परिसर के पीछे स्थित स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवास है। इनमें जोया सीएचसी में तैनात चिकित्साकर्मियों के परिवार रहते हैं। सीएचसी में एएनएम के पद पर तैनात बलसा देवी को भी आवास आवंटित किया गया था। 31 मई 2020 को वह सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। इसके बाद ये आवास एचएलबी जेनुमा को आवंटित कर दिया गया था, लेकिन उस आवास में अभी भी रिटायर्ड बलसा देवी और उनका परिवार रहता है। बलसा देवी ने सरकारी आवास में अवैध रूप से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया था। तीन दिन पहले मामले का खुलासा हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। शुक्रवार को रिटायर्ड एएनएम आवास से दवाइयां निकालकर ले गई। मामले की जानकारी होने पर शनिवार को नोडल अधिकरी डॉ. शरद कुमार ने मुआयना किया।
इस दौरान आवास पर रिटायर्ड एएनएम बलसा देवी के परिवार के सदस्य मिले। नोडल अधिकारी ने आवास में जाकर देखा तो दवाइया नहीं थी। इसके बाद नोडल अधिरकारी ने जोया सीएचसी प्रभारी से आवास खाली कराने के साथ स्पष्टीकरण सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आवास आवंटित करना वहां के प्रभारी की जिम्मेदारी होती है। इसलिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। वैसे भी वह आवास खंडहर में तब्दील हो गए हैं।