अमरोहा। अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए फर्जी दस्तावेजों से आवेदन करने वाले संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट होगी। यूपी मेडिकल काउंसिल की जांच में सुपर डायग्नोस्टिक सेंटर और श्री साईं अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीयन के लिए लगे डॉ. नावेद अख्तर डिग्रियां फर्जी पाई गई है। मंडी धनौरा के सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर में लगे डॉ. शिवानी सिंह के डिग्री-डिप्लोमा में कमी मिली है।
जुलाई 2025 में ही सुपर डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक करन सिंह व श्री साईं अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक किशनलाल ने विभाग के पोर्टल पर आनलाइन पंजीयन के लिए आवेदन किया था जिसमें डाॅ. नावेद अख्तर निवासी मोहल्ला खत्रियान बिजनौर की एमबीबीएस की डिग्री व रेडियोलाॅजिस्ट का डिप्लोमा लगाया गया था। वर्ष 2020 में एमबीबीएस की डिग्री पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ से व 2021 में रेडियोलाजिस्ट का डिप्लोमा छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ क मेडिकल साइंसेस बिलासपुर से दिखाया गया।
सीएमओ डा. एसपी सिंह ने डिग्री व डिप्लोमा की जांच के लिए यूपी मेडिकल काउंसिल को पत्र भेजा था। 23 अगस्त को मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट सीएमओ को मिली है जिसमें काउंसिल के प्रशासनिक अधिकारी ने डाॅ. नावेद अख्तर की डिग्री कार्यालय से रिकार्ड के मुताबिक झूठे बताए।
मंडी धनौरा के सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक अर्चित कुमार ने अगस्त में पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें उन्होंने गाजियाबाद निवासी डाॅ. शिवानी सिंह की एमबीबीएस की डिग्री और रेडियोलाजिस्ट का डिप्लोमा लगाया था। सीएमओ ने यह प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए यूपी मेडिकल काउंसिल को भेजे थे। अगस्त में ही मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें डाॅ. शिवानी के प्रमाणपत्र सत्य और सही नहीं होने की पुष्टि की गई थी। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि दोनों डॉक्टर और अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए आवेदन करने वाले संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इसके लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी गई है। हालांकि शहर कोतवाली के इंस्पेक्टर पंकज तोमर ने तहरीर मिलने से इनकार किया है।