अमरोहा। जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने नई पहल की है। साल 2025 में बनाए गए नौ ब्लैक स्पॉट पर साइन बोर्ड के साथ रिफ्लेक्टर टेप लगाने की तैयारी है। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ब्लैक स्पॉट पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने की भी योजना है। इसके लिए यातायात पुलिस और पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों ने मंथन कर लिया है।
दिल्ली हाईवे सहित जिलेभर की सड़कों पर आए दिन हादसे होते है। इनमें लोग अपनी जान भी गंवा रहे है। पिछले दिनों पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 51 स्थान चिह्नित किए गए थे जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। इस रिपोर्ट के बाद अब तक हादसे बढ़ा रहे इन स्थानों को दुरुस्त कराया गया। पाकबड़ा से ब्रजघाट तक 62 किलोमीटर लंबे हाईवे पर डिडौली पुल और एक फैक्टरी के सामने सबसे ज्यादा हादसे हुए है।
चौधरपुर पुल, बुढ़नपुर, कांकाठेर ढाल और चौपला चौराहा पर भी आए दिन दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा हरियाना गांव के पास सड़क किनारे और श्योनाली जियारत सहित जिले की अन्य सड़कों पर भी पांच या उससे अधिक हादसे हुए थे। गजरौला क्षेत्र में नौ स्थानों पर सबसे अधिक 347 हादसे हुए। इनमें सबसे अधिक जुबिलेंट फैक्टरी के सामने 16, कांकाठेर ढाल पर 14, गजरौला चौपला पर 12, अहरौला तेजवन गांव के सामने 10 हादसे हुए। डिडौली क्षेत्र में डिडौली पुल पर 21, चौधरपुर पुल पर 18, बुढ़नपुर के सामने 13, हरियाना गांव के सामने सड़क किनारे 12, श्योनाली जियारत के पास 10 हादसे हुए। रजबपुर क्षेत्र में वेंकटेश्वर विवि के सामने 13 और जीएमएस हॉस्पिटल के सामने आठ हादसे हुए थे।
जिला सड़क सुरक्षा की बैठक में दिए गए थे निर्देश
इसके बाद जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी विभाग को ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रादेशिक मार्ग पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना होने वाले स्थानों को चिह्नित किया गया। टीएसआई अनुज मलिक ने बताया कि जिले में नौ स्थान ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इसमें जोया, डिडौली, चौधरपुर जियारत, मोहम्मदाबाद, शाहबाजपुर ढाल, सलारपुर, नाईपुरा और कुमराला शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन ब्लैक स्पॉटों पर हादसे रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से तालमेल मनाया गया है। सभी ब्लैक स्पॉट पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जाएंगे जिससे वाहन चालकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। वहीं, सभी ब्लैक स्पॉट स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। जिससे सड़क हादसों पर लगाम लग सके।