कैलबकरी गांव में गुरुवार तड़के एक ईख के खेत में तीन लोग कुछ छिपा रहे थे। आहट होने पर पास मौजूद एक व्यक्ति ने शोर मचा दिया। इस पर हड़बड़ाए साथी उसे छोड़कर भाग निकले। सूचना पर ग्रामीण खेत में पहुंचे तो पत्ते के नीचे लाश पड़ी थी।
सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इस दौरान उसकी पहचान एक हिस्ट्रीशीटर के रूप में की गई। इस पर देहात थाना पुलिस को बुलाया गया, उसकी ओर से शिनाख्त के बाद परिजनों को जानकारी दी गई। मृतक के भाई से तहरीर लेकर पुलिस ने शव पीएम को भेज दिया है। पीएम रिपोर्ट में दबकर मरने की बात सामने आ रही है।
सुबह करीब पांच बजे कैलबकरी गांव के तिराहे के नजदीक एक खेत में तीन लोग कुछ छिपा रहे थे। आहट होने पर पास के घर के मालिक इंद्रपाल ने आवाज लगा दी। इस पर वे लोग भाग निकले। धीरे धीरे अंधेरा दूर हुआ तो भीड़ लग गई।
ग्रामीणों ने ईख में जाकर देखा तो पत्ती से ढंकी लाश नजर आई। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। लोगों ने उसकी शिनाख्त हिस्ट्रीशीटर इंतजार उर्फ गुटिया पुत्र हमीद निवासी गांव नौराहन के रूप में की। इस पर देहात पुलिस को भी बुलाया गया, उसकी मुहर लगते ही परिजनों को जानकारी दी गई।
पास में ही स्थित खंदक में एक लोडिंग वाहन पलटा पड़ा था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि, तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर खंदक में पलट गया। इसी में हिस्ट्रीशीटर की मौत हुई। मृतक के भाई हारुन से पुलिस ने तहरीर ली और लाश पोस्टमार्टम को भेज दी। दोपहर में पीएम के बाद पुलिस ने परिजनों को लाश सौंप दी।
दूसरा साथी बुल्ला, हादसे के बाद से फरार
पुलिस की बात पर यकीन करें तो मृतक अपने साथियों के साथ पशु चोरी करता था। क्षतिग्रस्त वाहन बुल्ला निवासी खेड़ा अपरौला का है। वही वाहन चला रहा था। हादसे के बाद से वह फरार है। दो और साथी उसके संग थे।
पशु चोरी कर लाए थे, पीछे पड़े थे ग्रामीण
पुलिस व ग्रामीणों की मानें तो यह पशु चोरों का गैंग है। शिवाला कलां क्षेत्र के किसी गांव से उनकी ओर से पशु चोरी किया गया था, जिसको उन्होंने काट दिया था। ग्रामीण सरगर्मी से उसकी तलाश में लगे थे। वाहन का पीछा कर रहे थे। इसलिए लोडिंग वाहन की रफ्तार तेज थी।
दरोगा से रिवाल्वर लूटने का आरोपी था इंतजार
जनपद के कई थानों में इंतजार का आपराधिक रिकार्ड बताया जाता है। नौगावां में उसके खिलाफ दरोगा से रिवाल्वर लूटने की भी रिपोर्ट दर्ज थी। यह घटना 2011 में हुई थी। इसके अलावा देेहात थाने में लूट, चोरी, डकैती, पशु चोरी के 19 मामले दर्ज हैं।
पांच माह पहले हुई घर की कुर्की
मृतक के भाई हारुन की मानें तो वह दो साल से घर से गायब था। मुकदमों में वांछित था, जिसकी वजह से पांच माह पूर्व घर की कुर्की हुई थी। पुलिस की दबिशों की वजह से परिवार गांव छोड़ने को विवश हो गया था। अब वह दूसरी जगह रह रहे थे।
...कहीं हत्या तो नहीं की गई
अमरोहा। ग्रामीण के मुताबिक, उसने ईख के खेत में आहट होने पर आवाज लगाई। इसके बाद तीन लोग भाग निकले, पास ही खंदक में वाहन पलटा पड़ा था, मगर हादसा होते नहीं देखा। इसके अलावा वाहन पलटने से हिस्ट्रीशीटर गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसमें उसकी मौत हो गई, मगर साथ ही रहे लोगों को संभवत: चोट नहीं आई और वे भागने में सफल रहे। वहीं वे शव को घर पहुंचाने के बजाय, खेत में छिपाने लगे। पुलिस का कहना है कि, साथ वाले भी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि, कहीं हत्या कर तो लाश नहीं छिपाई जा रही थी।
हिस्ट्रीशीटर की मौत हादसे में हुई है। वाहन के पलटने की वजह से लगी चोट के कारण उसकी मौत हुई है। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
शील कुमार, सीओ सिटी