रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल शुक्रवार को हटा दिया गया। दारानगर समेत चार गांवों के ग्रामीणों का आवागमन छह माह के लिए नाव पर ही निर्भर रहेगा। खेतों पर आने जाने के लिए भी नाव का ही एकमात्र विकल्प है।
दारानगर गांव रामगंगा पोषक नहर व गंगा के टापू में बसा है। इसके पास टीकों वाली, जहांगीर वाली और मंदिर वाली भुड्डी गांव हैं। दारानगर को छोड़कर बाकी तीन गांव के ग्रामीण शीशों वाली गांव में पक्के पुल से गुजरते थे, लेकिन बीते दिनों गंगा में आई बाढ़ के कारण नाले पर बना अस्थाई और कच्चा बांध कट गया। अब उनके और दारा नगर गांव के ग्रामीणों के आवागमन लिए पैंटून पुल ही एकमात्र विकल्प बचा था।
इसके अलावा मुरादपुर, अलीनगर और पपसरा खादर गांव के ग्रामीणों की खेती की अधिकांश जमीन भी गंगा पार है। जहां तक आने जाने के लिए पैंटून पुल के अलावा कोई रास्ता नहीं रहता। पुल को सिंचाई विभाग ने शुक्रवार को हटा दिया। अब छह महीने बाद जनवरी में पैंटून पुल लगाया जाएगा। तब तक ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि पैंटून पुल हटा दिया गया है।