कैलसा में गुरुवार को रेलवे क्रासिंग पर वाहनों की रेलमपेल से जाम लग गया। इस बीच राजधानी एक्सप्रेस पास होने का मैसेज मिलने की सूचना मिलने पर गेटमैन के हाथ पांव फूल गए। रेलवे का फाटक बंद नहीं हो सका। गेटमैन की सूचना के बाद रेलवे अफसरों में खलबली मच गई।
मजबूरन राजधानी एक्सप्रेस को आउटर पर ही रोकना पड़ गया। कैलसा चौकी पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने वाहनों को तितर-बितर कराकर ट्रैक को साफ किया। करीब आधा घंटे बाद ट्रेन को गुजारा गया। फाटक बंद होते ही कैलसा-पाकबड़ा मार्ग पर करीब दो किलो मीटर तक वाहनों की लाइन लग गई। हर कोई जाम से जूझता नजर आया। साढ़े तीन घंटे बाद आवागमन सुचारु हुआ।
कस्बा कैलसा बार्डर पर रेलवे क्रासिंग बना है, जिसके फाटक को बंद करने पर ही ट्रेन गुजारी जाती हैं। चूंकि गुरुवार को रक्षाबंधन था, इसलिए सड़कों पर ट्रैफिक भी अधिक था। सुबह करीब 11 बजे फाटक बंद कर कर्मचारियों ने ट्रेन निकलवाई। इससे दूर तक वाहनों का जाम लग गया।
जैसे ही फाटक खुला वैसे ही चालकों में जल्दी निकलने की होड़ लग गई। करीब पौन घंटे तक ट्रैक से ट्रैफिक नहीं हट सका। इसी दरम्यान दिल्ली से बरेली जा रही डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस के पास होने का मैसेज मिला तो गेट मैन के हाथ पांव फूल गए। उसने फाटक को बंद करने की पुरजोर कोशिश की, मगर ट्रैफिक के कम नहीं होने पर विफल रहे।
सूचना पर आउटर पर ही राजधानी को रोकना पड़ गया। आधा घंटा बाद भी ट्रैक से निकल रहा ट्रैफिक कम नहीं हुआ तो अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्होंने फौरन आला अधिकारियों को स्थिति से वाकिफ कराया।
कंट्रोल रूम को जाम हटवाने के लिए मैसेज किया गया। वायरलेस पर मैसेज गूंजते ही कैलसा चौकी पुलिस हरकत में आई। चौकी प्रभारी आरिफ खान दलबल के साथ जाम खुलवाने पहुंच गए। वाहन चालकों को हड़काकर ट्रैक साफ किया।
इसके बाद राजधानी (13258) को आगे बढ़ाया जा सका। जो 22 मिनट लेट हुई। फाटक बंद होते ही मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। अन्य रास्तों से निकलकर लोग मंजिल तक पहुंचने को मजबूर हुए। दोपहर करीब ढाई बजे जाम खुला, जिस पर चालकों ने राहत की सांस ली।
ट्रैफिक की वजह से फाटक बंद नहीं हुआ था, जिसकी वजह से दो ट्रेन लेट हुई थीं। अन्य अपने निर्धारित समय पर गुजरी हैं।
संतराम, कैलसा रेलवे स्टेशन मास्टर