गजरौला। पिता का ऑक्सीजन लेबल घटने पर उन्हें सीएचसी लेकर आए पुत्र को 108 एंबुलेंस से जिला मुख्यालय जाने के लिए लगभग 50 मिनट तक लखनऊ कंट्रोल रूम से माथापच्ची करनी पड़ी। जानकारी होने पर वहां आए सीएचसी अधीक्षक ने आपरेटर को कड़ी फटकार लगाई। यहां तक कि वार्ड ब्वाय ने भी खूब खरीखोटी सुनाई। इसके बाद ही 108 एंबुलेंस मुहैया हो सकी।
यह घटना शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे की है। बताते हैं कि नगर के एक मोहल्ला निवासी युवक अपने बीमार पिता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आया था। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सीएचसी अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह ने उनका ऑक्सीजन लेवल चेक किया तो मात्र 44 आया। उन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अमरोहा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मरीज के पुत्र ने 108 एंबुलेंस के लिए फोन मिलाया। बताते हैं कि लखनऊ कंट्रोल को अपना नाम-पता, अमरोहा की दूरी आदि बता देने के बावजूद आपरेटर उससे अनापशनाप सवाल पूछने लगा। पिता की हालत तेजी से बिगड़ती देख पुत्र ने कई-कई बार उसे अपनी आईडी नोट कराई लेकिन वह बार-बार गजरौला से अमरोहा के बीच की दूरी और उसका नाम-पता पूछे जा रहा था। बताते हैं कि युवक फोन पर रो रहा था। इसी दौरान वहां आए वार्ड ब्वाय सुभाष वर्मा ने भी उसका फोन लेकर आपरेटर से बात की और उसे खरीखोटी सुनाई। शोरशराबा होने पर वहां आए डा. योगेंद्र सिंह ने भी आपरेटर को जमकर फटकार लगाई। कहा कि रोगी मरणासन्न हालत में है। वह उसकी शिकायत करेंगे। इसके बाद ही एंबुलेंस मुहैया हो सकी। शनिवार की रात आठ बजे डा. योगेंद्र सिंह ने बताया कि अब रोगी की हालत में सुधार की सूचना है।