अमरोहा। जिले में झोलाछापों के इलाज से मरीजों की जान जाने के मामले सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के पास महज 130 अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, जबकि विभागीय स्तर पर जिले में पांच हजार से अधिक अपंजीकृत क्लीनिक और अस्पताल संचालित होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना जरूरी योग्यता और पंजीकरण के इलाज कर रहे लोगों पर लंबे समय से कार्रवाई की मांग उठती रही है।
ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप मरीजों की मजबूरी और जानकारी के अभाव का फायदा उठाकर इलाज कर रहे हैं। गलत उपचार के कारण मरीजों की हालत बिगड़ने के साथ गंभीर मामलों में मौत तक होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजातों की मौत के मामले भी पहले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अपंजीकृत क्लीनिकों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से इनके संचालकों के हौसले बढ़ने के आरोप लगते रहे हैं।
जिले में अवैध क्लीनिक और अस्पतालों के संचालन की शिकायतें शासन स्तर तक पहुंच रही हैं। ग्रामीणों को बेहतर इलाज का झांसा देकर झोलाछापों तक पहुंचाने वाले दलालों की भूमिका की शिकायतें भी स्वास्थ्य विभाग को मिलती हैं। इतने बड़े पैमाने पर अपंजीकृत क्लीनिक-अस्पताल संचालित होने से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई में ढिलाई और कुछ जिम्मेदारों की मिलीभगत के आरोप भी लगते रहे हैं।
132 अवैध अस्पताल सील, सिर्फ 30 पर एफआईआर
अमरोहा। जिले में अवैध नर्सिंगहोम और क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई महज खानापूर्ति बनकर रह गई है। जनवरी से अब तक छापामार अभियान में करीब 132 अपंजीकृत अस्पताल-क्लीनिक सील किए गए, लेकिन सिर्फ 30 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बाकी को नोटिस के बाद धीरे-धीरे फिर संचालन की अनुमति मिल गई। इससे विभाग की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले दिनों डिडौली, हसनपुर, उझारी, रहरा और ढक्का क्षेत्र में कई अस्पताल पहले सील किए जा चुके हैं। आरोप है कि किसी घटना या उच्चाधिकारियों की शिकायत के बाद ही विभाग सक्रिय होता है। जिले में केवल 15 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं, जबकि जगह-जगह अवैध नमूना संग्रह केंद्र संचालित होने की शिकायतें हैं।
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जिले भर में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई क्लीनिकों को सील किया जा चुका है और नोटिस भी दिए गए हैं। एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही हैं। सोमवार से फिर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रमाकांत सागर, सीएमओ