देर रात्रि आंधी-तूफान ने जन जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया। दस से बारह घंटे बिजली आपूर्ति न होने से लोगों को पानी की समस्या से गुजरना पड़ा। जगह-जगह पेड़ गिरने से मार्गों पर यातायात प्रभावित हो गए। बामुश्किल पेड़ों को हटाकर बिजली आपूर्ति चालू की गई।
सोमवार रात्रि साढ़े दस बजे के करीब अचानक से तेज हवाएं चलने लगीं। तेज हवाओं ने आंधी-तूफान का रूप ले लिया। देखते ही देखते बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी के कारण देहात क्षेत्रों में जगह-जगह पेड़ गिर गए तो वहीं शहरी क्षेत्र में जगह-जगह होर्डिग्स व बोर्ड गिर गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। कई स्थानों पर वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। कई स्थानों पर हल्की बूंदा बांदी भी हुई। जिससे गेहूं की निकासी में लगे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से बारह घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाई। बिजली न आने से लोगों को भीषण गर्मी में सोना पड़ा। हालांकि तेज हवाओं के चलने से गर्मी से मामूूली राहत मिली। मगर उनके सामने पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई। दिन निकलने पर मदद कार्य शुरू करके पेड़ों को हटाया गया और यातायात को सुचारु किया गया। आंधी से सबसे अधिक नुकसान आम उत्पादकों को उठाना पड़ा। कई स्थानों पर बागों में आम के पेड़ टूट गए। अधिकांश आम के बागों में नुकसान हुआ। आंधी से आम उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है। उधर, हसनपुर क्षेत्र में भी आंधी से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति अधिक समय तक प्रभावित रही। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रात करीब दस बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। जबकि सुबह पांच बजे के करीब आपूर्ति सुचारू हुई। इसके बाद भी लगातार ट्रिपिंग का सिलसिला चलता रहा। कस्बे में लोगों के इन्वर्टर जबाव दे गए। पानी को भी तरसना पड़ा।