परीक्षाओं का समय धीरे-धीरे पास आ रहा है। वहीं, परीक्षा पास आते ही उसमें शामिल होने बच्चे भी कुछ तनाव में आ जाते हैं, जिससे मेहनत करने के बाद भी उनको आशानुरूप परिणाम नहीं मिल पाता है। बच्चों की इसी समस्या को समझते हुए बोर्ड ने मंडल स्तर पर 16 जनवरी से हेल्पडेस्क की शुरुआत की है, जो 12 फरवरी तक काम करेगी। जहां, मनोविज्ञान विशेषज्ञ भी बच्चों को तनाव दूर करने में मददगार बन रहे हैं।
इसके तहत बृहस्पतिवार को राजकीय इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों के लिए तनाव प्रबंधन सेमीनार का आयोजन किया गया, जिसमें मुरादाबाद से पहुंचीं मनोविज्ञान विशेषज्ञ रीना तोमर ने बच्चों ने संवाद किया। साथ ही परीक्षा को लेकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। मनोविज्ञान विशेषज्ञ ने बच्चों को तनाव से दूर रहकर लक्ष्य बनाते हुए परीक्षा की तैयारी करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि कभी भी किसी बच्चे को परीक्षा से संबंधित किसी प्रकार का तनाव हो तो वह हेल्पडेस्क पर फोन पर उसका समाधान पा सकते हैं।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक मुरादाबाद मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि एकाग्र मन से परीक्षा की तैयारी करें। भटकें नहीं। समय सारिणी बनाकर तैयारी करें। परीक्षा को लेकर तनाव न लें। डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने कहा कि अमरोहा के बच्चों ने पिछली बार भी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया था। पिछले परिणाम से प्रेरणा लेते हुए अपनी तैयारी पर फोकस करें। परिणाम बेहतर ही मिलेगा। प्रधानाचार्य ललित कुमार ने भी बच्चों को संबोधित किया। इस दौरान धर्मवीर सिंह, जयवीर सिंह, राजीव सिंह, कुमकुम चौधरी, नीरज यादव संगीता, कावेन्द्र सिंह का सहयोग रहा।
मनोवैज्ञानिक से छात्र-छात्राओं के सवाल
सवाल : परीक्षा को लेकर अति आत्मविश्वास को कैसे दूर किया जाए। - हिमांशु कुमार, कक्षा-12
जबाव : अति आत्मविश्वास परिणाम में बाधक बनता है। लक्ष्य तय कर पढ़ाई करें। सब कुछ आता है, इसको मन से निकाल दें। अधिक अंक पाकर भी बच्चे छोटी परीक्षा भी नहीं निकाल पाते और औसत अंक पाने वाले बच्चे बड़ी परीक्षा को भी क्रेक कर जाते हैं। इसलिए आत्मविश्वास जरूर बनाए रखें, लेकिन आत्मविश्वास को अति आत्मविश्वास में तब्दील न होने दें।
सवाल : परीक्षा की तैयारी के लिए समय सारिणी कैसे बनाएं। - अरीबा, कक्षा- 10
जबाव : शुरुआत में एक सप्ताह की समय सारिणी बना लें। हर विषय को बराबर समय दें। जितना वक्त समय सारिणी में दे रहे हैं, उतना उस विषय की तैयारी में भी जरूर दें। एक सप्ताह बाद अपनी तैयारी के अनुसार विषय के लिए समय को बढ़ा अथवा कम भी कर सकते हैं।
सवाल : पढ़ते समय नींद आती है, इससे बचने के लिए क्या करें। - जैनब शाहीन, कक्षा- 12
जबाव : रात को भरपूर नींद लें। हल्का व सुपाच्य भोजन लें। पढ़ाई के बीच में अंतराल देते रहें। लगातार न पढ़ें। जबरदस्ती पढ़ने न बैठें। रूचि लेकर पढ़ना चाहिए।
सवाल : पढ़ते-पढ़ते भूलने की आदत है, क्या करें।- प्रियांशु, कक्षा- 12
जबाव : पढ़ते समय लगभग आधा घंटा तक जिस टॉपिक काे पढ़ रहें, उसी का दोबारा रिवीजन करें। टाइम टेबल में अपने कमजोर विषयों व टॉपिक को अधिक समय दें। पढ़ाई पर फोकस रखें। पढ़ाई के समय इधर-उधर की बातों में ध्यान न भटकाएं।