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Amroha News: अयातुल्ला अली खामनेई की मौत पर अमरोहा में विरोध प्रदर्शन जारी, निकाले गए कैंडल मार्च

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अमरोहा। ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद जिले में लगातार गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। सोमवार रात अमरोहा से लेकर नौगावां सादात तक विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और मजलिसों का आयोजन किया गया। लोगों ने उनके चित्र लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाले और हमलों के विरोध में नारेबाजी की है
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प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्रराइल के खिलाफ विरोध जताते हुए ईरान पर किए गए हमले को निंदनीय बताया। शहर के मोहल्ला सद्दो से काजीजादा तक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। हसन नकवी और मौलाना शहजादे आबिदी ने कहा कि खामनेई ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और उनके विचार हमेशा याद रखे जाएंगे।
शहर में विभिन्न स्थानों पर मजलिसों का सिलसिला भी जारी रहा। शिया उलेमाओं ने उन्हें शहादत का दर्जा बताते हुए कर्बला की घटनाओं का जिक्र किया। मजलिसों में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और “लब्बैक या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं। देर रात मोहल्ला हक्कानी स्थित इमाम बारगाह सट्टी से जामा मस्जिद होते हुए इमाम बारगाह नक्शबी तक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। समापन पर आयोजक दिलनवाज रजा ने एकता और अन्याय के विरोध का संदेश दिया।
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उधर, नौगावां सादात में भी लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि खामनेई के विचार और संदेश को आगे बढ़ाया जाएगा। लगातार विरोध-प्रदर्शन के चलते
प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए। जिले में देर रात तक शोक सभाओं और विरोध कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा।
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शिया समुदाय की महिलाओं ने सैदनगली में किया कैंडल मार्च

सैदनगली। नगर के मोहल्ला सादात में शिया समुदाय की महिलाओं ने ईरान के नेता खामनेई की मौत के सिलसिले में कैंडल मार्च निकालकर खिराजे अकीदत पेश किया। मोहल्ला सादात के इमामबारगाह पीर जी से कैंडल मार्च शुरू हुआ। जो गुलशन मस्जिद, इमामबाड़ा फातिमा, हुसैनी चौक, होता हुआ इमामबारगाह पीर जी पर जाकर समाप्त हुआ। सादेका जेहरा ने कहा कि खामनेई की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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