अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन भानू ने किसान समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। गन्ना भुगतान की मांग दोहराई। कहा कि बकाया नहीं मिलने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके चीनी मिलें भुगतान में रुचि नहीं दिखा रही हैं। किसानों से गन्ने का ऑनलाइन घोषणा पत्र को गलत करार दिया। कहा कि इससे 100 रुपये अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसे रद्द किया जाए। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी के आश्वासन के बाद दोपहर तीन बजे धरना समाप्त हो गया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह की अगुवाई में किसान कलक्ट्रेट परिसर में जुटे। किसानों ने डीएम कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा किसानों से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरवाया जा रहा है यह काम जनसेवा केंद्र से करा रहे हैं जो खर्चीला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को समितियों में फॉर्म जमा कराने की सुविधा को बहाल करें ताकि किसानों को भाग दौड़ से राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि शहर के आस पास और हसनपुर में भू माफिया का बोलबाला है। वन, राजस्व विभाग और पुलिस की सांठगांठ से पेड़ों की कटान करा रहे हैं। नलकूप के पंजीकृत किसानों को सामान नहीं मिल रहा है। किसानों को सम्मान निधि दिलाई जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, रघुवीर सिंह, राम सिंह, समरपाल सिंह, विजय पाल सिंह, हरिओम सिंह, जयविंदर सिंह, चरन सिंह, महिपाल सैनी, रघुनाथ सिंह, सुरेश सिंह, बलवीर सिंह, ओमपाल, जितेंद्र, इकराम उद्दीन, मोनिका, पूनम सैनी आदि रहे।