अमरोहा। भारत सरकार द्वारा अमेरिका से दूध समझौते का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन शंकर ने कलक्ट्रेट पहुंचकर इस समझौते का विरोध करते हुए कहा कि अमेरिका के मांसाहार दूध व डेयरी उत्पाद किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होंगे। इस समझौते की मार देश के किसानों पर पड़ेंगी। इससे संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
मंगलवार को भाकियू शंकर के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां अमेरिका द्वारा भारत में मांसाहार दूध व दूसरे डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर विरोध जताया। नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि देश भर का किसान व जनता अमेरिका के साथ मांसाहारी दूध को लेकर होने वाली समझौता बैठक के विरोध में है।
उन्होंने कहा कि हालांकि भारत सरकार ने पिछली दो बैठकों में ये समझौता करने से इंकार कर दिया है, लेकिन अमेरिका ने भारत को 1 अगस्त की समय सीमा दी है, जिसके बाद वह भारत पर 26 फीसदी तक का टैरिफ भी लगा सकता है। इसीलिए आशंका है कि इस दवाब में आकर सरकार ये समझौता भी कर सकती है। अगर ये समझौता होता है, तो फिर देश भर का किसान मजबूर होकर अपनी गायों को संसद भवन में बांधने का काम करेगा। मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम निधि गुप्ता वत्स को सौंपा गया। इस दौरान चौधरी धर्मवीर सिंह,नेमपाल सिंह,विक्रम सिंह पंवार,महिपाल सिंह, सुनीता देवी, अशोक चौधरी, मंजू चौधरी समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।