जनपद में आने वाले वीआईपी और वीवीआइपीओ को होटल या निजी गेस्ट हाउस में ठहरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जनपद में 2. 32 करोड़ की लागत से सरकारी गेस्ट हाउस बनाने की कवायद चल रही है। उसके लिए प्रशासन ने धनोरी अहीर गांव में जमीन चिन्हित कर ली है, साथ ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही गेस्ट हाउस के निर्माण की कवायद शुरू किये जाने का दावा किया जा रहा है। जनपद में केवल सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस है।
डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि शहर के मोहल्ला डाक बंगला में सिंचाई विभाग का एक गेस्ट हाउस बना हुआ है। लेकिन उसकी स्थिति बेहद दयनीय है। वीआईपी उसका उपयोग बेहद कम करते हैं। जिसके चलते वीआईपी और वीवीआईपी के ठहरने की व्यवस्था निजी होटलों या फिर निजी गेस्ट हाउस में करनी पड़ती है। लेकिन अब गेस्ट हाउस के लिए धनौरी अहीर गांव में एक एकड़ जमीन तलाशी गई है। जिसका प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा गया है। गेस्ट हाउस की लागत करीब 2.32 करोड़ रुपये आएगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।