अमरोहा। मोहल्ला शफातपोता स्थित हुसैनी हाल में रविवार को मौलाना डॉ. सैय्यद मोहम्मद सियादत नकवी के ईसाले सवाब के लिए मजलिस-ए-चेहलुम हुई। लखनऊ के इमाम-ए-जुमा मौलाना सैय्यद कल्बे जव्वाद नकवी ने ‘इल्म’ शीर्षक से मजलिस को खिताब किया। उन्होंने मौलाना सियादत नकवी और उनके घराने की इल्मी खिदमात पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा कि इल्म हासिल करके ही इंसान समाज और देश के काम आ सकता है। दीनी इल्म के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीक भी जरूरी है। नई नस्ल इल्म से आरास्ता होगी, तभी समाज की बुराइयां दूर कर देश की तरक्की में योगदान दे सकेगी। उन्होंने हजरत अली के तालीम से जुड़े संदेश सुनाकर अमल की अपील की।
मजलिस से पहले सिब्ते सज्जाद नकवी और उनके हमनवां ने सोजख्वानी की। हुसैनी पीस मिशन की ओर से मौलाना की जिंदगी और शोक संदेशों पर आधारित पुस्तक ‘फख्र इबादत’ का विमोचन भी किया गया। संचालन प्रोफेसर नाशिर नकवी ने किया।
कार्यक्रम में मौलाना के बेटे इमाम-ए-जुमा डॉ. सैय्यद अहसन अख्तर नकवी, सैय्यद हुसैन अख्तर नकवी, प्रोफेसर हसनैन अख्तर, हबीब अहमद एडवोकेट, इस्लाम आलमी, खालिद सिद्दीकी, कौसर अली अब्बासी, खुर्शीद जैदी, सैय्यद मुबारक, मौलाना कुर्तुल ऐन हैदर मुज्तबा, मौलाना डॉ. शहवार हुसैन, सलीम अमरोहवी व अन्य मौजूद रहे। अमरोहा, अलीगढ़, दिल्ली, मुरादाबाद, सिरसी और नौगावां सादात से भी उलेमा व लोग पहुंचे।