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विशेष सत्र एवं अपर जिला जज द्वितीय बीडी भारती ने दामाद की हत्या में सास-पत्नी समेत चार को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1.20 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव चकनवाला निवासी सतपाल सिंह ने अपने बेटे नरोत्तम की शादी वर्ष 2010 में कस्बा सैदनगली के मोहल्ला अंबेडकरनगर निवासी हरस्वरूप की बेटी कुसुम के साथ की थी। इस दरम्यान ससुरालियों ने नरोत्तम से किसी काम के लिए डेढ़ लाख रुपये की रकम उधार ली थी, लेकिन तय समय पर उधार ली गई रकम को नहीं लौटाया था।
इसे लेकर नरोत्तम के वैवाहिक जीवन में तनाव आ गया। कुसुम भी अपने मायके आ गई। 22 अक्तूबर 2014 की रात करीब आठ बजकर बीस मिनट पर सास नरैनिया ने नरोत्तम को फोन किया और अपने रुपये वापस ले जाने की बात कहकर उसे अपने घर बुला लिया। अगले दिन नरैनिया ने सतपाल सिंह को फोन पर बताया कि नरोत्तम अचानक बीमार पड़ गया है।
सतपाल सिंह तुरंत बेटे की ससुराल पहुंचा, तो देखा कि नरोत्तम मृत अवस्था में पड़ा है और ससुराली मौके से गायब हैं। 23 अक्तूबर को सतपाल सिंह ने बेटे की सास नरैनिया, पत्नी कुसुम, साले संजय व बिट्टू उर्फ कैलाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीएम रिपोर्ट में गला घोंट कर नरोत्तम की हत्या करने की पुष्टि हुई। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जो कुछ समय बाद जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गए।
शनिवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सैनी एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश बीडी भारती ने चारों पर नरोत्तम की हत्या का दोष साबित किया और सभी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।