निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता रोमिका (26) की हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें मेरठ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पताल की ओटी को सील कर दिया।
हसनपुर क्षेत्र के गांव गुलामपुर निवाासी अमित कुमार की दो साल पहले शादी हुई थी। अमित कुमार ने पत्नी रोमिका को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार में हसनपुर में बाईपास पर स्थित ट्रू यशदान अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सिजेरियन ऑपरेशन से बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद रोमिका की हालत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद प्रसूता को पेशाब नहीं आया।
सोमवार को गंभीर हालत में महिला को मेरठ के लिए रेफर कर दिया है। बुधवार सुबह को उनकी मौत हो गई। घटना से परिजनों में रोष है। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला ही बच्चा है। दोपहर में परिजन शव लेकर हसनपुर के निजी अस्पताल पर पहुंचे, जहां उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया। सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही परिजन शव अपने साथ ले गए। नोडल अधिकारी डाॅ. शरद कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर फिलहाल ट्रू यशदान अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।