पुलिस पर हमले के आरोपी प्रधान के पति राजेश को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। घटना 18 नवंबर रात की है। उधर, प्रधान पति के खिलाफ 2006 में भी केस दर्ज हुआ था। जिसमें 2013 में उसे दस साल की सजा हुई थी। जिसमें वह पैरोल पर चल रहा था।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि 18 नवंबर की रात थाना क्षेत्र के गांव खुंगावली में दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया था। जिसमें दरोगा संजीव कुमार, सिपाही अभिषेक कुमार व रजत कुमार घायल हो गए थे। पुलिस ने दरोगा संजीव की तहरीर पर प्रधान के पति राजेश सहित 26 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 12 आरोपी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिए थे, जबकि प्रधान के पति राजेश सहित 14 आरोपी भाग निकले थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही हैं। बुधवार को एसएसआई ब्रजेश सिंह को सूचना मिली कि प्रधान का पति राजेश इंदिरा चौक पर घूम रहा है। उन्होंने पुलिस बल लेकर तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर चालान कर दिया गया।
चाचा-चाची पर भी किया था जानलेवा हमला
गजरौला। एसएसआई का कहना है कि राजेश का आपराधिक इतिहास खंगालने पर पता चला कि वर्ष 2006 में उसने भाई के संग मिलकर चाचा जगत सिंह व चाची पर फावड़े और तबल से हमला कर दिया था। जान से मारने की धमकी दी थी। हमले में घायल एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसमें उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 2013 में अदालत ने उसे दस साल की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस समय वह पैरोल पर चल रहा था।