हिस्ट्रीशीटर शौकत की हत्या के बाद तुर्क बहुल क्षेत्र का अलग ही माहौल हो गया है। बीते दिन जहां कैबिनेट मंत्री महबूब अली का विरोध दिख रहा था वहां के हालात कुछ जुदा ही थे। ग्रामीणों का गुस्सा समस्याओं का निस्तारण न होने को लेकर था। अमर उजाला टीम से बातचीत में सहसपुर अली के ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें गिनाईं। किसी ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेज मंत्री जी के कहने पर दूसरे गांव में चला गया तो कोई बोला कि उन्होंने दूसरों के कहने में आकर प्रस्तावित सड़क का निर्माण नहीं कराया।
समय: 2 बजे गांव: नीलीखेड़ी।
यहां बाहरी छोर के तिराहे चौराहे पर पूर्व प्रधान मुदस्सिर ग्रामीणों समेत बैठे थे। यह स्थान उस घटनास्थल से थोड़ी दूर था जहां बीते दिन कैबिनेट मंत्री महबूब अली के विरोध की बात बताई जा रही थी। ग्रामीणों ने कहा शौकत की हत्या से ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। जिसके मन में होगा मंत्री जी को वोट देगा। कल भी जनसंपर्क के दौरान जब उनके समर्थक ने महबूब अली जिंदाबाद के नारे लगाए तो तुर्क इत्तहादुस समिति के सदस्य और गांव के कुछ युवाओं ने हाय-हाय के नारे लगाना शुरू कर दिया।
नारे लगाने वालों को मना किया गया। अपनी बात रखते हुए मंत्री जी वहां से चले गए। इसके बाद कुछ नहीं हुआ। हां, इस बार लोगों में उनसे नाराजगी दिख रही है। अभी तो चुनाव काफी दूर हैं। कई बार माहौल बदलेगा। वोटर समझदार हो गया है, किसी के बहकावे में नहीं आएगा। यहां पूर्व प्रधान के अलावा हाजी जरीफ, मो.आरिफ, हाजी जरीफ, हाजी महबूब उर्फ बाबू बैठे हुए थे।
समय: 2:45 बजे गांव: सहसपुर अलीनगर
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के सहसपुर अलीनगर गांव में टीम उस जगह पहुंची जहां पर कैबिनेट मंत्री के घेराव की बात कही जा रही थी। यहां के लोगों से जब उनकी नाराजगी का कारण पूछा गया तो बड़े ही बेबाकी से कहा कि हमारे गांव में पॉलिटेक्निक कॉलेज आया था, जिसके निर्माण के लिए 35 बीघे जमीन भी गांव में मिल गई थी। अधिकारी भी पैमाइश कर ले गए थे, मगर बाद में बताया गया कि मंत्री जी ने यह कालेज दूसरे गांव कटाई में बनाने के लिए कह दिया है।
ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल को भी उनसे गुजारिश की थी। कई बार कहने के बाद भी उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। कल वह जनसंपर्क करने के लिए आए थे। लोगों ने पूरी इज्जत दी, लेकिन कुछ नाराज युवकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। जिन्हें डांटकर बड़े बुजुर्गों ने खामोश कर दिया। मंत्री जी भी वहां से चले गए। उनकी गाड़ी पर पथराव की सिर्फ अफवाहें ही बताई गईं। यहां पर सगीर अहमद, गुड्डू, अब्दुल मन्नान, अब्दुल अली, हाजी शमीम आदि थे।
समय: 3:15 बजे गांव: जोगीपुरा
अमर उजाला टीम पूर्व प्रधान रियाजुल हसन की बैठक पर पहुंची। यहां पर बीते दिन कैबिनेट मंत्री पहुंचे थे। टीम ने लोगों से विरोध का कारण पूछा तो लोग बोले- शौकत की हत्या को लेकर विरोध नहीं है। जब मंत्री जी आए थे तो उनको पूरा सम्मान दिया गया था। स्पष्ट कह दिया था कि मंत्री जी आपसे सब लोग नाराज है। कुछ देर उन्होंने अपनी बात कही, किन्तु कुछ युवक दूर खड़े थे। उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिन्हें समझाकर शांत किया गया। इसके बाद मंत्री भी चले गए। नाराजगी क्यों है...।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लखनऊ से एक सड़क पास कराकर लाए थे। यह सड़क सिवौरा से जोगीपुरा तक जा रही थी, लेकिन मंत्री जी ने उसको नहीं बनने दिया। इससे लोगों में नाराजगी ज्यादा है। इसके निर्माण से कई फायदे होते। अभी मंत्री जी फिर आएंगे बैठ कर बात होगी। इस दौरान नौशे अली, कमर आलम, छोटेलाल, महमूद अली उर्फ बब्बू, जाकिर हुसैन, आबिद अली, मो. आमिर आदि थे।