अमरोहा। जिले के माननीयों ने बिजली निगम पर जबरिया रुपये वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने वीडियोग्रॉफी पर सवाल उठाया। कहा कि महज 10 मामलों की जांच करा ली जाए तो मामला साफ हो जाएगा। इससे अफसरों की मिलीभगत भी सामने आ जाएगी। माननीयों के दावे के बाद कलक्ट्रेट सभागार में सन्नाटा पसर गया। प्रभारी मंत्री विजय कश्यप ने गहरी नाराजगी जताई। डीएम उमेश मिश्र ने मामले को संभाला। माननीय ने 10 वीडियोग्रॉफी की जांच कराने की मांग को दोहराया।
कलक्ट्रेट सभागार में जिले के सत्ताधारी दल के माननीय ने शहर के पुष्कर नगर के एक उपभोक्ता के मामले में जानकारी लिया। अधिशासी अभियंता प्रथम पीपी सिंह ने कहा कि उस व्यक्ति ने बिजली की चोरी किया है। माननीय ने दोबारा जानकारी की कोशिश की तो अधिशासी अभियंता ने कहा कि उपभोक्ता झूठ बोल रहा है। बिजली चोरी की वीडियोग्रॉफी की गई है। इसके बाद दूसरे माननीय ने वीडियोग्रॉफी पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यालय का बिल 60 हजार रुपये आया है। शिकायत की गई तो बिल सामान्य हुआ। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के छत से केबल जा रहा है तो उसे भी बिजली चोरी में शामिल किया जा रहा है। हालांकि उसका चोरी से कोई लेना देना नहीं है। बिजली की चोरी के मामले में उपभोक्ता जब ऑफिस जाता है तो उससे बदसलूकी की जाती है। उन्होंने 10 वीडियोग्रॉफी की जांच कराने की मांग की। अधिशासी अभियंता गुलशन गोयल ने बिल की कम वसूली के बारे में बताया तो कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। अधीक्षण अभियंता रजत जुनेजा से कार्यशैली में सुधार लाने को कहा।