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पर्चा भरते ही शुरू हो जाएगा प्रत्याशी के खर्च का मीटर

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नौगांवा सादात। प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म जमा करने के साथ ही उनके खर्चे का मीटर शुरू हो जाएगा। जैसे बिजली का मीटर लगते ही उसी समय से उसकी रीडिंग शुरू हो जाती है। हर तरह के खर्च उनके हिस्से में जुड़ते जाएंगे। फ्लाइंग स्क्वाड टीम और वीडियो सर्विलांस टीम प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी करेगी। कार्यक्रम के आयोजन की वीडियोग्रॉफी भी होगी। इसके बाद लेखा टीम को सौंपेंगी। प्रत्याशी के खर्च का मिलान शैडो रजिस्टर से किया जाएगा। चुनाव परिणाम 10 नवंबर तक खर्च का हिसाब किताब रखना है।
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भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख रुपये तय की है। विधान सभा उप चुनाव के लिए प्रत्याशियों को नामांकन से एक दिन पहले बैंक अकाउंट खोलना है। इस बैंक अकाउंट से निर्वाचन संबंधी काम निपटाएंगे। 10 हजार से अधिक लेन-देन नकद नहीं करना है। यह बैंक अकाउंट खुद या निर्वाचन एजेंट के साथ ज्वाइंट खोल सकते हैं। नामांकन फॉर्म जमा करने के बाद प्रत्याशी को व्यय रजिस्टर मिलेगा। किसी भी व्यक्ति से 10 हजार रुपये का भी लेन देन अकाउंट से करना होगा।
व्यय रजिस्टर के तीन हिस्से, सभी के कॉलम को है भरना
नामांकन के साथ ही रिटर्निंग अधिकारी प्रत्याशी को निर्वाचन व्यय रजिस्टर देंगे, जिसमें प्रत्याशी के रोजाना का ब्योरा रखना है। व्यय रजिस्टर के तीन हिस्से हैं जिसका पहला हिस्सा सफेद पन्ने का है जिसमें रोजाना का रिकार्ड दर्ज करना है। दूसरे हिस्से कैश रजिस्टर में किसी भी स्रोत से मिलने वाली रकम को लिखना है। जिसे तारीख के साथ दर्ज करना है। नकद किए गए खर्च को भुगतान के कॉलम में दर्ज करना है। वहीं तीसरा बैंक रजिस्टर पीले पन्नों में है। जिसमें जमा, निकासी और रोजाना के बचत का ब्योरा बैंक रजिस्टर में लिखना है।
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