हाईवे पर रविवार रात विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो दबंग पुलिस से ही उलझ गए। सिपाहियों के साथ मारपीट की और उनकी वर्दी तक फाड़ डाली। किसी तरह लोगों ने बीच बचाव कराया। वहीं पुलिस अब आरोपी का मानसिक रूप से बीमार बताकर पल्ला झाड़ने में लगी है।
डिडौली निवासी तारा चंद्र व इसकी पत्नी रेखा हाईवे किनारे एक फैक्ट्री के निकट छोले भटूरे का ठेला लगाते हैं। रविवार की शाम ठेले पर दो युवक पहुंचे। छोले भटूरे खाने के बाद पचास रुपये दिए, मगर सौ का नोट बताते हुए बाकी पैसे मांगने लगे। दंपति सौ रुपये ही मान कर पैसे वापस करने लगे, जिससे विवाद न बढ़े।
सोमवार की सुबह रेखा व तारा चंद्र ठेला लगाए हुए थे, इसी दौरान दोनों युवक पहुंच गए। दंपति से विवाद हो गया। इसी दौरान दोनों ने चाकू से हमला कर दिया। रेखा के हाथ में लग गया। वह शोर मचाते हुए जिवाई चौकी पहुंची। यहां से दो सिपाही ठेले पर पहुुंचे। विवाद कर रहे दोनों युवकों को समझाने की कोशिश की। आरोप है कि दोनों युवक सिपाहियों से भिड़ गए। मारपीट की और वर्दी फाड़ डाली।
सिपाहियों से युवकों को भिड़ता देख लोग इकट्ठा हो गए। मुश्किल से बीच बचाव किया गया। डिडौली कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दरअसल ठेले पर विवाद की सूचना पर दो सिपाही गए थे। विवाद करने वाला मानसिक रूप से बीमार था। उसने सिपाही की वर्दी नोंच ली। बाद में पोल पर चढ़ गया। मारपीट की बात बेबुनियाद है।