12 वर्षीय बालिका को रहरा पुलिस बुलंदशहर में तलाश रही है। किशोरी की शादी उसकी बुआ ने बुलंदशहर के गांव मबई निवासी व्यक्ति से कराई गई थी। हालांकि, पुलिस को मबई में किशोरी नहीं मिली। वहीं, आरोपी भी घर से भाग गए हैं।
बदायूं जिले के उघैती थानाक्षेत्र के गांव नागर पुखरा निवासी चंद्रपाल ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी। चंद्रपाल ने भाई की ही दो बेटियाें को गोद लिया था, जिनकी उम्र करीब 12 व 10 वर्ष है। बताया था कि रहरा थानाक्षेत्र के गांव फूलपुर में उसकी सगी बहन सुषमा रहती है।
बहन ने हमदर्द बनकर चंद्रपाल की दोनों बेटियों को करीब पांच माह पहले दीपावली के समय बेहतर परवरिश करने की बात कहकर साथ ले आई थी। दो अप्रैल को पता कि सुषमा ने उसकी 12 वर्षीय बेटी की 31 मार्च को मोटी रकम लेकर बुलंदशहर जिले के स्याना थानाक्षेत्र के गांव मबई निवासी सुरेंद्र के साथ उसकी शादी कर दी है।
वहीं, छोटी बेटी को भी बेचने की फिराक में है। मामले में रहरा थाने के दरोगा प्रहलाद की तहरीर पर बाल विवाह निषेध अनिनियम 2006 के तहत किशोरी की बुआ सुषमा व फूफा सुरेंद्र निवासी गांव फूलपुर थाना रहरा और सुरेंद्र निवासी गांव मबई थाना नरसेना जनपद बुलंदशहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
चंद्रपाल की छोटी बेटी को फूलपुर से बरामद कर अमरोहा में वन स्टॉप सेंटर भेजा गया था। उधर, बाल विवाह की पीड़िता बालिका की तलाश में रहरा थाने की पुलिस बुलंदशहर पहुंची है, लेकिन वहां पर किशोरी नहीं मिली है। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है कि जल्द ही किशोरी को बरामद किया जाएगा।