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Amroha News: 1978 दंगे की फाइलें खंगालने में जुटी पुलिस, शासन ने तलब किया है रिकॉर्ड

Fri, 10 Jan 2025 12:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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संभल।
46 साल पहले संभल में हुए दंगे की फाइल को शासन ने तलब किया है। अब पुलिस रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। इस दंगे में मोहल्ला ठेर के रहने वाले बनवारी लाल गोयल की भी हत्या कर दी गई थी। उन्हें दंगाइयों ने जलाकर मार डाला था। उस समय दर्ज एफआईआर में दंगे में नौ लोगों की जान गई थी। जिसमें 82 आरोपी बनाए गए थे लेकिन बाद में मुरादाबाद के न्यायालय से दोषमुक्त कर दिए गए थे। जिन लोगों की जान गई थी उन्हें इंसाफ नहीं मिल सका था। बनवारी लाल गोयल के परिवार ने आरोप लगाया था कि पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते इंसाफ नहीं मिला था।
1978 दंगों में 82 आरोपी बनाए गए थे। इसमें नौ लोगों की हत्या को भी शामिल किया गया था। मुरादाबाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई हुई थी। इसमें किसी का दोष साबित नहीं हुआ था और सभी निर्दोष साबित हो गए थे। पीड़ित परिवार दंगे में अपने लोगों को खोने का दर्द महसूस करते हैं और उस समय के पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को कोसते हैं। क्योंकि जो मारे गए उनको किसने मारा यह अभी तक राज बना हुआ है। अब शासन से रिकॉर्ड तलब किए जाने की जानकारी पर खुश हैं और उम्मीद जगी है कि शायद उन्हें अब इंसाफ मिल जाए।
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बनवारी लाल गोयल के बेटे विनीत कुमार गोयल 15 दिसंबर 2024 को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने अपने पिता के साथ हुई घटना की भी जानकारी दी थी। उसी समय विनीत कुमार गोयल ने दंगे की जांच कराने की मांग भी उठाई थी। इसके बाद 17 दिसंबर को एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने एसपी को पत्र लिखकर 1978 के दंगे की जांच कराने का आग्रह किया था। अब शासन की ओर से दंगे की जानकारी तलब की गई है। मालूम हो सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान दावा किया था कि संभल में दंगे के दौरान 184 हिंदू मारे गए थे। पुलिस अब उन तमाम लोगों से जानकारी भी जुटाने में लगी है जो दंगे में आरोपी बनाए गए थे या दंगे के दौरान वह वयस्क थे।

खग्गू सराय से 45 हिंदू परिवार पलायन कर गए थे, अन्य मोहल्ले से भी पलायन हुआ था

1978 का दंगा हिंदू समुदाय के लिए भयभीत कर देने वाला था। यही कारण था कि खग्गू सराय से 45 रस्तोगी परिवार पलायन कर गए थे। प्राचीन शिव मंदिर में ताला लगाना पड़ा था। जिसको पुलिस प्रशासन की ओर से अभी हाल ही में 14 दिसंबर को खोला गया है। इसी समय यह दर्द सामने आया था कि दंगों की आग में जले शहर में हिंदू परिवार उन इलाके में जाकर बसे जहां हिंदू बस्ती थी। ऐसा ही हाल शहर के अन्य मोहल्लों में भी हुआ था। क्योंकि दंगों के बाद हिंदू परिवार मुस्लिम मोहल्लों में रहने से डर रहे थे। इसलिए काफी पलायन हुए। कई परिवार तो ऐसे हैं जिन्होंने उस समय शहर ही छोड़ दिया था।
बनवारी लाल की फैक्टरी में लगा दी थी आग, निर्मम हत्याएं भी की थीं

विनीत कुमार गोयल ने बताया कि उनकी फैक्टरी थी। जहां दंगाई घुस गए थे। इसके बाद उन्होंने निर्मम हत्याएं की थीं। बताया कि नखासा क्षेत्र में 24 लोगों की हत्या की गई थी। जिसमें उनके पिता और फैक्टरी में मौजूद ऋषि नाम के व्यक्ति की भी हत्या की गई थी। शहर में आगजनी की गई थी और लूटपाट की थी।
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वर्जन

-शासन स्तर से 1978 के दंगे का रिकॉर्ड मांगा गया है। यह रिकॉर्ड सात दिन में दिया जाना है। वह रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उसके बाद जो शासनादेश होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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