जिला निवासी एक ग्रामीण की दो नाबालिग बेटियों का आरोपियों ने हिमाचल से अपहरण कर लिया। ग्रामीण व उसके परिजन आरोपियों के गांव पहुंचे तो उन्होंने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। उधर, परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को पकड़कर सांठगांठ से छोड़ने का आरोप लगाया है। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मंडी धनौरा क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण दंपती व बच्चों के साथ हिमाचल प्रदेश के बद्दी जिले में रहकर मजदूरी करता है। उनकी 16 और 14 वर्षीय बेटियां भी वहीं साथ में किराए के मकान में रहती हैं। मजदूर की पत्नी का आरोप है कि 25 दिसंबर 2024 की शाम जब वह और उसका पति मजदूरी कर घर लौटे तो उनकी दोनों बेटियां गायब मिलीं। तलाशने पर नहीं मिली तो बद्दी महिला थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी।
हिमाचल पुलिस ने सुबह तक नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहकर उन्हें घर भेज दिया। मजदूर की पत्नी का कहना है कि उसके अगले दिन ही सास का निधन हो गया इसलिए उन्हें मंडी धनौरा आना पड़ा। यहां आकर पता चला कि उनकी दोनों बेटियों को धनौरा क्षेत्र के एक गांव के कुछ लोग हिमाचल से लेकर आ गए हैं। उन्हें गांव में अपने घर में बंधक बनाकर रखा है। मजदूर और उसकी पत्नी आरोपियों के गांव पहुंचे और बेटियों को सौंपने को कहा। मगर आरोपियों ने धमकाया और उनका नाश्ता करते हुए वीडियो बना लिया। इस मामले में 31 दिसंबर को पीड़ित दंपती ने शेरपुर पुलिस चौकी पर शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन बाद में सांठगांठ कर छोड़ दिया। शिकायत पर एसपी ने दंपति को जांच उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।