रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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मां ने पति के सगे भाई को गोद दिए गए अपने ही छह वर्षीय बेटे को जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने की कोशिश की। वह नहीं चाहती थी कि उसके बेटे से उसके जेठ का नाम चले। मासूम की हालत बिगड़ जाने पर निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया, घंटों उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आया। पति को जब पत्नी की करतूत की जानकारी लगी तो वह उसके खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर देने के लिए तैयार हो गया।
देहात थाना क्षेत्र के भौपुर तैया गांव में दो सगे भाइयों का परिवार रहता है। बड़े भाई के कोई औलाद नहीं होने के कारण छोटे भाई ने उसे अपना छह वर्षीय बेटा गोद दे दिया। जिससे भाई का भी नाम चल जाए। गोद लिए गए बच्चे का बड़ा भाई अपने बेटे की तरह पालन पोषण कर रहा था।
इधर, बेटा देने के बाद भी मां को यह मंजूर नहीं था कि उसके बेटे से किसी दूसरे का नाम आगे बढ़े। बस यहीं से उसके मन में बेटे को मारने जैसा घृणित विचार आ गया। रविवार की सुबह परिजन चारा लेने गए थे। बालक की मां कहीं से जहरीला पदार्थ खरीद लाई। परिजनों से नजर बचते ही उसने मासूम को जहरीला पदार्थ खिला दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
मासूम को बेहोश देख परिजन उपचार के लिए लेकर भागे। हालांकि बाद उसकी हालत में सुधार आया। बालक के पिता जब यह पता चला कि मासूम को उसकी मां ने जहरीला पदार्थ खिलाया था, तो वह पत्नी के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने में तहरीर देने के लिए तैयार हो गया।
रास्ते में मिले गांव के लोग उसे समझाकर घर ले गए। उधर पत्नी ने भी अपनी करनी पर पछतावा दिखाते हुए माफी मांग ली। तहरीर नहीं दी गई। मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।