अमरोहा। पंचायती राज विभाग में शपथ पत्र के बावजूद 39 ग्राम प्रधानों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई है। खास बात यह है कि वर्ष 2017 से मामले लंबित है। सीडीओ ने ग्राम प्रधानों की शिकायतों की समीक्षा के दौरान नाराजगी जताई। पंचायती राज विभाग द्वारा जांच अधिकारियों को अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर चिंता जाहिर की।
सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ग्राम प्रधानों की शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे जिसमें कुल 39 शिकायतें ऐसी मिली जो वर्ष 2017 से लंबित हैं। उन्होंने डीपीआरओ वाचस्पति झा से सवाल किया लेकिन वह जवाब नहीं दे सके। कहा कि चार साल से शिकायत लंबित है कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ग्राम प्रधान और पंचायती राज विभाग की साठगांठ है। सर्वाधिक 10 ग्राम प्रधानों की शिकायतें परियोजना निदेशक डीआरडीए मिथिलेश तिवारी के पास लंबित है। इसके अलावा बीएसए चंद्रशेखर के पास पांच ग्राम प्रधानों की शिकायतें हैं। वहीं गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह के पास तीन शिकायतें हैं।