गजरौला। नोडल अधिकारी को तीन निजी अस्पतालों में चेकिंग के दौरान मरीज तो भर्ती मिले, लेकिन किसी में चिकित्सक नहीं पाया गया। तीनों अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया है। जिसका जवाब नहीं देने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग के क्वेक्स के नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार का कहना है कि सभी निजी अस्पताल संचालकों को उनके अस्पताल का पंजीकरण कराने और जिनका पंजीकरण पुराना हो गया है, उसे नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए थे। अस्पताल संचालकों को 30 अप्रैल तक का समय दिया गया। मगर गजरौला क्षेत्र में निजी अस्पताल संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग की हिदायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसकी पोल उस वक्त खुली, जब दो दिन पूर्व नोडल अधिकारी ने चेकिंग की तो कोई चिकित्सक नहीं मिला। बीते बुधवार को नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने ख्यालीपुर ढाल पर दो निजी अस्पतालों और पक्के पुल पर एक अस्पताल में निरीक्षण किया। ख्यालीपुर ढाल पर एक निजी अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला, जबकि मरीज कई पाए गए।
कांकाठेर निवासी सुधा कमजोरी के कारण बेहोश थी। उसे बोतल लगाई जा रही थी। कुदैना निवासी अनिता ने अस्पताल में ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। खुंगावली निवासी सुमन का बच्चेदानी का ऑपरेशन पाया गया। तिगरिया नादिरशाह निवासी गोमती का भी बच्चेदानी का ऑपरेशन पाया गया। फुरकान का पैर का ऑपरेशन पाया गया। कांकाठेर निवासी रुकमन ने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। जगदेवपुर की चंद्रवती भर्ती मिली। उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया है। नोडल अधिकारी ने तीनाें को नोटिस जारी किया है। जिसका जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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