अमरोहा। विकास कार्यों में गड़बड़ी के साथ-साथ वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर डीएम ने हसनपुर ब्लॉक की पंचायत पतेई भूड़ की ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। मामले की अंतिम जांच जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को सौंपी है।
गांव निवासी राजीव कुमार, लोकेश कुमार व अशोक सिंह समेत कई ग्रामीणों ने शिकायती शपथपत्र देते हुए ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में गड़बड़ी व वित्तीय अनियमितता की शिकायत की थी। इस पर डीएम ने डीपीआरओ व आरईडी के सहायक अभियंता को मामले की जांच दी थी। दोनों अधिकारियों की जांच में गांव में भारी अनियमितताएं सामने आई जिसमें खेम सिंह के खेत के समतलीकरण के नाम पर प्रधान ने 60400 रुपये का दुरुपयोग पाया गया। वहीं, खेत स्वामी ने शपथ पत्र देकर उनके खेत का समतलीकरण न कराए जाने की बात कही। इसके अलावा मृतक मनरेगा मजदूर के खाते में मजदूरी की रकम भेज दी गई।
गांव में अंतिम दर्शन का चबूतरा निर्माण के 91162 रुपये, विभिन्न स्थानों पर जाल व स्लैब कार्य के 31369 रुपये, जबर सिंह के मकान से मुनिराम तक इंटरलॉकिंग कार्य के 73418 रुपये, आंचल के मकान से परमिल के मकान तक इंटरलॉकिंग के कार्य के 100941 रुपये, प्रदीप के मकान से ओमपाल के मकान तक इंटरलॉकिंग के कार्य के 152192 रुपये की पत्रावलियों में सचिव व प्रधान के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। यहां शासकीय धनराशि को व्यय करते हुए वित्तीय व प्रशासनिक प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।