अमरोहा। अगर आप पनीर खा रहे है तो सतर्क हो जाएं। बाजार से पनीर खरीदते समय उसे ठीक तरीके से जांच कर लें। सस्ता पनीर लेने के चक्कर में आप अपना स्वास्थ्य खराब कर सकते हैं। यह हम नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट बता रही है। पनीर व पान मसाले में मिलावट के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की और से सीजेएम कोर्ट में तीन वाद दायर किए गए हैं। इसके अलावा एडीएम कोर्ट में भी अधोमानक पाए गए नमूनों के मामलों में कुल 18 वाद दायर कराए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिलेभर में त्योहारी सीजन के अलावा समय-समय पर छापामार अभियान चलाकर नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजा जाता है। विभाग की ओर से लिए गए अधिकांश नमूने जांच में अधोमानक पाए गए हैं। बीते दिसंबर और जनवरी महीने में लिए नमूनों की रिपोर्ट विभाग को मिली है जिसमें पनीर के दो व एक पान मसाले का नमूना जांच में फेल हुआ है। पनीर के नमूनों में फैट की मात्रा कम मिली है, साथ ही एक नमूने में पनीर स्टार्च भी मिला है। जिसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।
इसके अलावा पान मसाले के नमूने में गैंबियर की मौजूदगी मिली है। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त के अनुसार दिसंबर 2024 में मोहरका पट्टी निवासी हैदर अली की पनीर निर्माण इकाई से क्रीम का नमूना लिया गया था। इसके इसके अलावा मोहरका पट्टी से ही इंशाल्लाह की दुकान से पनीर का नमूना जनवरी माह में लिया गया था। इसके अलावा हसनपुर के अलीपुर खादर से प्रवीन कुमार की दुकान से पान बहार ब्रांड का पान मसाला का नमूना लिया गया था। उनके अनुसार तीनों नमूने जांच में फेल हो गए हैं जिसके तीनों मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।