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गजरौला में ऑक्सीजन के सिलिंडर को मच रहा हाहाकार, ब्लैक में कीमत डेढ़ हजार के पार

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गजरौला में एक दुकान पर रखे ऑक्सीजन के सिलेंडर। - फोटो : GAJRAULA
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बढ़े दामों में मिल रहा गजरौला में ऑक्सीजन के सिलिंडर
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परेशान हो रहे हैं रोगियों के परिजन, ऑक्सीजन लेने को करनी पड़ रही है कड़ी मशक्कत
एक्सक्लूसिव खबर-
नवनीत अग्रवाल
गजरौला। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और रोगियों की संख्या के बीच ऑक्सीजन को लेकर गजरौला में भी हाहाकार मचा हुआ है। मार्च माह में पांच सौ रुपये में रीफिल होने वाला सिलिंडर अब ब्लैक में डेढ़ हजार रुपये से भी अधिक का मिल रहा है। इसके लिए भी लोगों को सिफारिश लगवानी पड़ रही है। तब कहीं जाकर उन्हें ऑक्सीजन मिल पा रही है।
शुक्रवार को नगर में कई लोग ऑक्सीजन के लिए भटकते नजर आए। किसी का भाई पॉजिटिव है तो किसी का बेटा और मां। जिन परिवारों के सदस्यों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनमें से अधिकांश को स्वास्थ्य विभाग ने घरों में ही आइसोलेशन में रखा हुआ है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उनके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करना परिजनों को भारी पड़ रहा है। नगर के मोहल्ला बस्ती में शिव मंदिर वाली गली में रहने वाले एक युवक की हालत काफी खराब है लेकिन परिजनों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। बताते हैं कि गजरौला में पांच स्थानों पर ऑक्सीजन के सिलिंडर मिलते हैं, लेकिन अब सभी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एक दुकान के मुंशी ने फोन पर बताया कि पीछे से ही सप्लाई नहीं आ रही है। बोले- बीते माह पांच सौ में सिलिंडर रीफिल होता था। अब तो डेढ़ हजार में भी ऑक्सीजन नहीं मिल रही। वहीं जानकारों का कहना है कि यदि किसी की सिफारिश है तो सिलिंडर डेढ़ हजार से अधिक कीमत देकर मिल जा रहा है।
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इनसेट-
बगैर ऑक्सीजन के फर्राटा भर रहीं एंबुलेंस
गजरौला। नगर में संचालित अधिकांश निजी एंबुलेंस बगैर ऑक्सीजन सिलेंडर के ही दौड़ रही हैं। कई निजी नर्सिंग होम में भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। शुक्रवार को दिल्ली की दिशा में जा रही एक एंबुलेंस का चालक चौपला पर रुककर ऑक्सीजन सिलेंडर लेने के लिए काफी परेशान नजर आया लेकिन नहीं मिलने पर निराश होकर लौट गया। एक निजी नर्सिंग होम के संचालक ने बताया कि बृहस्पतिवार तक उनके यहां दो सिलेंडर थे लेकिन अब ऑक्सीजन खत्म हो चुकी है। यह स्थिति नगर में संचालित कई निजी नर्सिंग होम की है। वहां ऑक्सीजन का संकट बना हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मौजूद है। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।
डा. योगेंद्र सिंह, अधीक्षक
(फोटो 23 जीजेएलपी 05 एवं 06)
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