हसनपुर क्षेत्र में चुनाव के बाद खेतों में गेहूं की कटाई करते मजदूर।
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हसनपुर। पंचायत चुनाव का समापन होने के बाद खेतों में एकाएक मजदूरों की संख्या में इजाफा हो गया है। अब किसानों को आसानी से मजदूर मिल रहे हैं। मजदूर नहीं मिलने की वजह से गेहूं कटाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब मजदूर आसानी से मिलने की वजह से किसानों का काम आसान हो गया है। सोमवार को क्षेत्र में चुनाव संपन्न होने के बाद मंगलवार को खेतों में कामकाज करते हुए अधिकांश मजदूर दिखाई दिए।
पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की दावत की वजह से मजदूर व्यवस्त थे। उनकी खाने पीने की सभी जरूरतें पूरी हो रही थीं तो उन्हें मजदूरी की जरूरत मजसूस नहीं हुई। किसान गेहूं की कटाई एवं निकासी के लिए मजदूर नहीं मिलने की दशा में खुद ही अपने परिवार के सदस्यों के सहयोग से काम कर रहे थे। सोमवार को पंचायत चुनाव संपन्न हो गया। इसके बाद प्रत्याशियों को मजदूरों की जरूरत नहीं हुई। प्रत्याशियों के पास खाने पीने के बूझ नहीं होने की वजह से मंगलवार को अधिकांश मजदूर खेतों पर निकल आए। गांव भदौरा निवासी किसान कृष्ण कुमार का कहना है कि मंगलवार को कई मजदूरों ने काम के लिए संपर्क किया। लेकिन चुनाव के दौरान मजदूरों नहीं मिल रहे थे। उधर, गांव करनपुर माफी निवासी किसान राकेश सिंह का कहना है कि चुनाव में मजदूर नहीं मिल पा रहे थे। लेकिन अब मजदूर खुद ही संपर्क कर रहे हैं।