अमरोहा। विकास खंड हसनपुर में मनरेगा के सामग्री मद के देयकों को लेकर मंडलायुक्त मुरादाबाद ने जांच के आदेश दिए हैं। 47 ग्राम पंचायतों में कराए गए 133 कार्यों से जुड़े 11 वेंडरों के 325 देयक और 271.81 लाख रुपये के बिल जांच के दायरे में हैं। इनमें 208 बिलों के 167.86 लाख रुपये का भुगतान 24 और 25 जून 2026 को हुआ, जबकि 117 बिलों के 103.95 लाख रुपये लंबित हैं।
मंडलायुक्त के छह अगस्त के पत्र के अनुसार लंबित बिलों की औसत आयु 573 दिन है। सबसे पुराना बिल 852 दिन पुराना है और आठ बिल 24 माह से अधिक पुराने हैं। भुगतान किए गए बिलों में औसतन 464 दिन की देरी हुई। इनमें 21 से 31 मार्च 2025 के 72 बिल भी शामिल हैं, जिनकी राशि 73.32 लाख रुपये है।
कर कटौती की जांच में तीन बिलों में टीडीएस शून्य और तीन में निर्धारित दर से कम कटौती मिली। इससे 15,510.87 रुपये की न्यून कटौती सामने आई। कार्यवार खर्च में संपर्क मार्ग व इंटरलॉकिंग पर 205.22 लाख रुपये यानी 75.50 प्रतिशत खर्च हुआ। 27 ग्राम पंचायतों में पूरा खर्च एक ही मद पर किया गया।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने डीएम को सात दिन में बिंदुवार जांच आख्या देने के निर्देश दिए हैं। इसमें जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका तय करने के साथ देयकों के परीक्षण, अनुमोदन और एफटीओ जारी करने की निगरानी भी शामिल होगी। शेष विकास खंडों के देयकों की भी इसी आधार पर जांच कर तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी गई है।
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मंडलायुक्त की ओर से पत्र मिला है। उन्होंने मनरेगा के तहत कुछ बिंदुओं पर आख्या मांगी है। इसकी जांच कराई जा रही है। हसनपुर ब्लॉक के अलावा दूसरे ब्लॉकों में भी जांच कराकर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-अंबरीश कुमार, पीडी