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Amroha News: सावरकर पर सवाल पूछना अपराध नहीं, शिक्षकों ने जताया विरोध

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अमरोहा। केरल के कासरगोड जिले के कुंबला एवं मंजेश्वरम उप-जिलों में आयोजित विद्यालयीय सोशल साइंस फ्रीडम क्विज में वीर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की अमरोहा जिला इकाई के बैनर तले शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपकर निलंबन वापस लेने की मांग की।
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जिला अध्यक्ष सुदेश कुमार ने कहा कि सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्वों में शामिल हैं। उनके क्रांतिकारी जीवन, ब्रिटिश शासन की सजा और अंडमान की सेलुलर जेल में कारावास का अध्ययन इतिहास का हिस्सा है। किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर प्रश्न पूछना न अपराध है और न अनुशासनहीनता। उनके विचारों से सहमति या असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी व्यक्ति को इतिहास से बाहर नहीं किया जा सकता।
जिला मंत्री डॉ. हरकेश सिंह ने कहा कि यदि प्रश्नावली उप जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से अनुमोदित होकर विद्यालयों में भेजी गई थी तो कथित त्रुटि के लिए केवल शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। प्रश्न तैयार करने से लेकर स्रोत, जांच और अनुमोदन तक पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच पूरी होने से पहले निलंबन जैसी कार्रवाई से शिक्षकों में भय और आत्म-सेंसरशिप का माहौल बन सकता है।
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महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। शिक्षकों का दायित्व विद्यार्थियों को किसी विचारधारा की ओर ले जाना नहीं, बल्कि प्रश्न करने, तर्क करने, प्रमाणों की जांच और अलग-अलग दृष्टिकोण समझने में सक्षम बनाना है। स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं है। गांधी, सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार पटेल, लोकमान्य तिलक, अरविंद और सावरकर समेत अनेक व्यक्तित्वों के योगदान से देश की स्वतंत्रता की गाथा बनी है।

महासंघ ने गुरु प्रसाद का निलंबन तत्काल वापस लेकर सेवा में बहाल करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा शिक्षकों की अकादमिक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष सुदेश कुमार, जिला मंत्री डॉ. हरकेश सिंह, ध्यान सिंह, धर्मेंद्र चौहान, अनुज चौधरी मौजूद रहे।
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