अमरोहा। बिजली का बिल जमा होने के बाद भी विभाग ने किसान को 1.07 लाख रुपये का नोटिस जारी कर दिया। किसान ने पुरानी रसीदें दिखाई तो उन्हें फर्जी बताया। एक्सईएन प्रथम कार्यालय के बाबू ने नोटिस में दर्शाई राशि से 71 हजार रुपये ज्यादा का बिल दिखा दिया।
इसके बाद में बिल जीरो करने की एवज में एक लाख रुपये ले लिए। किसान के मुताबिक रकम उसने अपनी जमीन गिरवी रखकर दी थी। इसके बाद भी बिजली का बिल खत्म नहीं हुआ तो किसान ने अफसरों से शिकायत की। बावजूद इसके सुनवाई नहीं हुई। मामले में किसान ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने बाबू आसिफ सिद्दीकी को धोखाधड़ी के मामले में 27 सितंबर को न्यायालय में तलब किया है।
किसान प्रमोद कुमार का आरोप है कि फसलों की सिंचाई करने के लिए उनके खेत पर उनके पिता के नाम से साढ़े सात हॉर्सपावर का विद्युत कनेक्शन है। यह कनेक्शन 30 सितंबर 2009 को हुआ था। प्रमोद कुमार के पिता ने ओटीएस के तहत 2017 तक का बिल जमा कर दिया लेकिन बिजली विभाग ने 31 नवंबर 2021 तक पूर्ण भुगतान करने के लिए 107936 रुपये का नोटिस भेज दिया।
इसके बाद किसान प्रमोद कुमार नोटिस के संबंध में एक्सईएन प्रथम कार्यालय में जाकर बाबू मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी से मिले। किसान प्रमोद कुमार ने अपनी बिल की रसीदें दिखाईं। जिसे मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी ने फर्जी बताया। साथ ही बाबू ने कंप्यूटर पर 188295 रुपये का बकाया बिल दिखाया। आरोप है कि इस दौरान बाबू मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी ने किसान प्रमोद कुमार को धमकाया और एक लाख रुपये में बिजली का बिल जीरो करने की बात कही।
लिहाजा प्रमोद कुमार मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी पर विश्वास करके अपनी जमीन को गिरवी रखकर कर चार दिसंबर 2021 को एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और एक लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि इस दौरान बाबू मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी ने 35 हजार रुपये की पुरानी तिथि की फर्जी रसीद दे दी। इसके बाद किसान प्रमोद कुमार ने वेबसाइट पर बिजली का बिल चेक कराया तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि पूरा बिजली का बिल पोर्टल पर मौजूद था। इसके बाद प्रमोद कुमार ने बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की और रसीद दिखाईं।
आरोप, रसीद को बताया दिया था फर्जी
आरोप है कि अधिकारियों ने भी रसीदों को फर्जी बताया और कहा यह रसीदें सिस्टम पर चढ़ी हुई नहीं है और किसान प्रमोद कुमार को वहां से भगा दिया। इतना ही नहीं अपने फर्जीवाड़े को दबाने के लिए बाबू आसिफ सिद्दीकी ने रोहित नाम के व्यक्ति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। मामले की सुनवाई नहीं होने पर किसान प्रमोद कुमार ने मामले में न्यायालय की शरण ली। प्रकरण को गंभीरता से लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिवाद दायर करते हुए बिजली विभाग के बाबू मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी को तलब कर लिया है। वहीं बाबू आसिफ सिद्दीकी ने आरोपों को निराधार बताया है।