अफसरों की उपेक्षा का दंश झेल रहे कमिश्नर के गांव में एक और ग्रामीण में डेंगू की पुष्टि हुई है। वह मुरादाबाद के निजी अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच झूल रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य अफसरों ने कोई सुध नहीं ली है। न ही प्रशासनिक अधिकारी चेते हैं, जबकि ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जोया विकास खंड क्षेत्र का गांव औरंगाबाद मंडलायुक्त का गोद लिया गांव हैं, जिसमें डेंगू ने दस्तक दे दी है। सप्ताह भर पहले डेंगू के डंक ने गांव के ही मुजफ्फर की जिंदगी निगल ली थी। मामले की सूचना ग्रामीणों ने स्वास्थ्य अफसरों को दी थी, मगर कोई भी गांव में इलाज करने की छोड़िए झांकने तक नहीं पहुंचा।
एक और ग्रामीण हरकेश पुत्र रामकुमार डेंगू की चपेट में आया है। परिजनों उसको मुरादाबाद के एक निजी चिकित्सक के यहां दाखिल कराया है। जहां जांच के दौरान उसमें डेंगू की पुष्टि हुई है। अस्पताल में वह मौत से जंग लड़ रहा है।
ग्राम प्रधान के बेटे शहाबुद्दीन ने बताया कि गांव में तमाम लोग बुखार से ग्रस्त हैं, मगर खबर देने के बाद भी स्वास्थ्य अधिकारी नहीं आए हैं। जब कमिश्नर गांव में भ्रमण के लिए माह में एक बार आते हैं तब ही अफसर नजर आते हैं। इसके बाद कोई भी पलटकर नहीं देखता। उधर सीएमओ डा.एसके जैन ऐसी कोई जानकारी नहीं मिलने की बात कह रहे हैं।