पौष अमावस्या पर सोमवार को श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य कमाया। हालांकि, कड़ाके की सर्दी के चलते ब्रजघाट और तिगरी गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराए।
तिगरी निवासी पुरोहित पंडित गंगाशरण शर्मा के मुताबिक सोमवार को पौष माह की अमावस्या पर श्रद्धालु सुबह से स्नान करने पहुंचे। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या कही जाती है। जिस पर गंगा में स्नान करने, पुरोहितों, जरूरतमंदों को दान करने से जहां पितृ तृप्त होते हैं। वहीं पुण्य भी कई गुणा बढ़ जाता है। सोमवार सुबह श्रद्धालु ब्रजघाट व तिगरी गंगा तट पर आए। दिन निकलते ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा में स्नान शुरू कर दिया। हालांकि, कड़ाके की सर्दी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों और ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया।