हसनपुर। तहसील क्षेत्र में करीब दर्जनभर तालाबों पर कब्जे के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन जिम्मेदार अफसर तालाबों की भूमि को कब्जा मुक्त कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। आए दिन तालाबों पर कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं। बावजूद इसके इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
भूमिगत जलस्तर लगातार घटने को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने क्षेत्र में जलस्रोतों के जीर्णोद्धार कराने के लिए कहां गए जलस्रोत अभियान चलाया है। क्षेत्र में नदी, तालाबों एवं कुओं की दयनीय स्थिति को उजागर किया तो अफसरों का ध्यान तरफ गया। दो माह पूर्व तहसील क्षेत्र में 233 तालाबों को खुदाई के लिए चिह्नित किया गया था। जिनमें कुछ तालाबों की खुदाई कराई भी गई है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से जल संरक्षण की दिशा में शुरू किए गए जल शक्ति अभियान में भी तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन सबके बावजूद क्षेत्र में तालाबों के प्रति अफसरों की उदासीनता समझ से परे हैं। सप्ताहभर में अलग-अलग गावों में स्थित दर्जनभर तालाबों पर अवैध रूप से कब्जे के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कब्जा छुड़ाने में अफसर दिलचस्पी नहीं ले रहे। गांव भगवानपुर माछरा के प्रधान ने तीन दिन पूर्व बीडीओ से गांव के तालाब से कब्जा छुड़ाने की मांग की थी, इसी तरह से गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांव गंगाचोली के ग्रामीण तो कई बार एसडीएम से शिकायत कर चुके हैं, तीन दिन पूर्व प्रशासन ने तालाब की भूमि पर आंशिक रूप से खुदाई कराई। लेकिन इसके बाद फिर दबंगों ने अतिक्रमण कर लिया। जिससे गांव का पानी तालाब में ना पहुंचकर गांव की ही सड़कों पर फैल रहा है। उधर, गांव सिहाली जागीर व शाहपुर कला में भी तालाब की भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। लेकिन इस तरफ जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है।
- तालाबों पर कब्जे से संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि कहीं कब्जा है तो टीम बनाकर पुलिस की मदद से कब्जा छुड़ाया जाएगा। तालाबों की लगातार खुदाई कराई जा रही है।
- उद्भव त्रिपाठी एसडीएम हसनपुर।