अमरोहा। किराए पर चलने वाले तिपहिया व चार पहिया, मोटर कैब, मैक्सी कैब और 7500 किलोग्राम भार ले जाने वाले वाहनों को अब बार-बार टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ एक बार टैक्स भरकर तीन या पांच साल तक वाहन स्वामी फ्री रह सकते हैं। इसके लिए मोटरवाहन कराधान अधिनियम संशोधन 2025 को जनपद में प्रभावी कर दिया गया है।
एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि अगस्त में शासन स्तर से इस विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी देकर शासनादेश जारी किया गया। जिले में अभी तक किराए या पारितोषिक (हायर या रिवार्ड) पर चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों से मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक टैक्स लिया जाता रहा है लेकिन मोटरयान कराधान (संशोधन) विधेयक 2025 की मंजूरी मिलने के बाद इसे जनपद वार प्रभावी किया जा रहा है।
संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि नई कर प्रणाली के प्रभावी होने से व्यावहारिक वाहनों से एकमुश्त टैक्स की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल वाहन स्वामियों को सुविधा मिलेंगी बल्कि टैक्स चोरी पर भी रोक लग सकेगी। माल वाहक वाहनों पर टैक्स निर्धारण गाड़ी की कीमत पर होगी। डिलीवरी वाहन, आटो, टैंपो, मैक्सी कैब, जेसीबी, मेटाडोर आदि को वन टाइम टैक्स देना होगा। बस, बड़ी ट्रक, ट्रैक्टर को त्रैमासिक व वार्षिक रोड टैक्स जमा करने की सुविधा पहले की तरह प्रभावी रहेगी।
टैक्स चोरी की संभावना होगी खत्म
एआरटीओ ने बताया कि यह फैसला टैक्स प्रणाली को सरल, व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने के लिए लिया गया है। उनका कहना है कि पुराने टैक्स नियमों में वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ था जिससे टैक्स चोरी की आशंका बनी रहती थी। इस कदम से न केवल टैक्स कलेक्शन में सुधार होगा बल्कि वाहन मालिकों के लिए भी प्रोसेस आसान हो जाएगा।
ई-वाहनों की वजह से टैक्स सिस्टम में करना पड़ा बदलाव
वर्ष 2022 की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ई-वाहनों को रोड टैक्स से छूट दी गई है। इससे पारंपरिक वाहनों से टैक्स कलेक्शन में गिरावट आई थी। इस गिरावट की भरपाई के लिए सरकार ने यह नया टैक्स स्ट्रक्चर अपनाया है।