कुतुबपुर हमीदपुर के ग्रामीणों की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। पिछले पांच दिन से गांव के पास खेतों में तेंदुआ नहीं दिखाई दिया है। वन विभाग की ओर से पिंजरे तो लगे हैं। लेकिन, तेंदुए के दूसरे इलाके में जाने का अनुमान है।
दहशत के बीच ग्रामीण खेतों पर जाने लगे हैं। हालांकि, पिछले दिनों ग्रामीणों की टमाटर की फसल को भारी नुकसान हुआ था।
सात जून की सुबह खेतों में काम कर रहे कुतुबपुर हमीदपुर गांव के किसानों पर तेंदुए ने हमला कर दिया था, जिसमें छह लोग घायल हो गए थे। तेंदुए ने पहले टमाटर तोड़ रहे किसान कोविन पर हमला किया था। इसके बाद हेतराम व बचाव में आए कृपाल सिंह को भी तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। जबकि, तेंदुए ने अरविंद, हेमराज व धर्म सिंह को भी जख्मी कर दिया था। तेंदुए के हमले में घायल सभी लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां से सभी लोगों की सेहत में सुधार होने के बाद घर भेज दिया गया है।
वहीं घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से तेंदुए को इस हद तक पीटा था कि उसकी जान चली गई थी। इसके बाद आठ जून को वन विभाग और पुलिस ने तेंदुए की हत्या में नामजद ग्राम प्रधान बृजेश के भाई राजेश कुमार और धर्मवीर व राजू सैनी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। ग्राम प्रधान के भाई समेत तीनों ग्रामीणों को जमानत मिल गई थी। ग्राम प्रधान बृजेश ने बताया कि पिछले पांच दिन से तेंदुआ दिखाई नहीं दिया है। गांव के पूरब और पश्चिम दिशा में पिंजरा लगे हुए हैं। ग्रामीणों में दहशत तो है लेकिन, जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। पहले की ग्रामीण खेती करने लगे हैं।